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गिरिडीह : आदिवासी परिवारों के बीच पहुंचाया गया अनाज, लॉकडाउन का गलत फायदा भी उठा रहे लोग

Giridih: जरूरत के आधार पर केन्द्र सरकार से लॉकडाउन के बीच हल्की छूट क्या मिली, लोग अब शारीरिक दूरी और लॉकडाउन के नियमों को भी तोड़ते दिख रहे हैं. रविवार को इसकी एक नहीं तीन-चार बानगी गिरिडीह शहर के अलग-अलग चेकपोस्टों में देखने को मिली.

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आदिवासी परिवारों के बीच संस्थाओं ने पहुंचाया अनाज

वहीं लॉकडाउन के बीच जिले के पिछड़े इलाकों में अनाज की किल्लत झेल रहे आदिवासी परिवारों के बीच शहर के कई समाजिक युवाओं द्वारा अनाज की मदद पहुंचाने का भी कार्य जारी है.

मकतपुर निवासी शुभम कुमार, प्रिया शर्मा, सुरभि स्न्नेहा, अकांक्षा रंजन समेत कई युवाओं की टोली अब आदिवासी परिवार के बीच आटा, चावल, तेल समेत जरूरत के समान उपलब्ध करा रहे हैं.

वहीं राजपूत मुहल्ला निवासी आशुतोष तिवारी, सन्नी गुप्ता, रोहित साव, संजीव कुमार अपने सहयोगियों के साथ शहर के चिरैयाघाट, अरगाघाट, बरमसिया समेत आधा दर्जन इलाकों के सार्वजनिक स्थलों के साथ लोगों के घरों को भी बगैर किसी सरकारी सहयोग के सैनेटाइज करने में जुटे हुए हैं.

गिरिडीह कॉलेज रोड के समीप चेकपोस्ट से पत्नी समेत दो महिलाओं के साथ गुजर रहे एक बाइक सवार को देख चेकपोस्ट पर तैनात पुलिस पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने रोका.

चालक व दोनों महिलाओं के मुंह में कोई मास्क नहीं देख कर पदाधिकारी ने बाइक सवार को जमकर डांटा. लेकिन कोई असर न होते देख पुलिस पदाधिकारी ने बाइक चालक युवक से उसकी पत्नी व महिला के सामने ही उठक-बैठक कराना शुरू कर दिया.

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पुलिस के सामने करनी पड़ी उठक-बैठक

पत्नी के सामने उठक-बैठक करने से पहले बाइक चालक ने आनाकानी की. लेकिन जब पुलिस जवानों ने डांटा, तो उसके उठक-बैठक शुरु कर दी.

इसी तरह गिरिडीह-धनबाद रोड स्थित अजीडीह चेकपोस्ट में पुलिस जवानों ने एक बाइक चालक को रोका. चालक के साथ उसका पांच वर्षीय बेटा व ससुर थे, लेकिन तीनों में किसी के मुंह पर मास्क नहीं था.

पुलिस जवान ने जब लॉकडाउन के बीच बिना मास्क, ट्रिपल लोड निकलने की वजह पूछी तो वे कहने लगे-तीनों फिट हैं इसलिए  कोरोना की कोई चिंता उनलोगों को नहीं है.

जवाब सुनकर पुलिस जवान गुस्सा हो गये और बेटे व ससुर के समक्ष चालक को उठक-बैठक कराना शुरू कर दिया.

रविवार को ही इन मुहल्लों में समाजिक कार्यकर्ता आशुतोष ने अपने सहयोगियों के साथ सैनेटाइज करने का अभियान चलाया.

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