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कोरोना आपदा में संन्यासियों ने सांसद आदर्श ग्राम हहाप में 500 परिवारों के बीच पहुंचायी राहत

Ranchi : लॉकडाउन के तीसरे हफ्ते में योगदा सत्संग शाखा मठ के लोग रविवार को सांसद आदर्श ग्राम हहाप, रांची में पहुंचा. इस दौरान हहाप के सात गांवों में जिला परिषद सदस्य और पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से उसके द्वारा 500 गरीब परिवारों और जरूरतमंदों को सूखे खाद्यान्न और अन्य जीवनोपयोगी सामग्री उपलब्ध करायी गयी.

साथ ही राहत शिविर में लाभुकों को कोविड-19 के लिहाज से बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी आश्रम के चिकित्सक द्वारा दी गयी.

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राहत अभियान के साथ मेडिकल सलाह भी

हहाप पंचायत के सात गांवों लीबूडीह, हेसापीड़ी, सरवल, सपारोम, बुरुडीह और लदनापीड़ी में योगदा सत्संग की ओर से राहत अभियान चलाया गया. इस दौरान ऐसे लोग जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं, उनकी और बेरोजगारों की पहचान कर जीवनोपयोगी सामग्री उपलब्ध करायी गयी.

इस सामग्री में 1,500 किलो चावल, 600 किलो दाल, 800 किलो आलू, 600 किलो प्याज, 250 लीटर सरसों तेल, 25 किलो हल्दी, एक हजार मास्क और नहाने तथा कपड़े धोने के दो हजार साबुन शामिल थे.

500 लोगों को इसके जरिये मदद उपलब्ध करायी गयी. इसके पूर्व के राहत अभियानों में छह हजार किलो खाद्यान्न, दो हजार किलो प्याज, पांच हजार किलो आलू, एक हजार लीटर सरसों तेल, तीस हजार नगद साबुन और आठ हजार मास्क राजधानी रांची सहित विभिन्न ग्रामांचलों में वितरित किये जा चुके हैं.

खास बात यह कि हर राहत शिविर में लाभुकों को कोविड से बचाव संबंधी जानकारी भी आश्रम के डॉक्टर द्वारा दी जाती है.

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श्री श्री योगानंद के विचारों को कर रहे साकार

योगदा संन्यासियों का कहना है कि इस पवित्र संस्था के संस्थापक और दुनिया भर में लोकप्रिय क्रियायोग गुरु परमहंस श्री श्री योगानंद के स्पष्ट विचार थे. वे कहते थे कि ईश्वर की अनुभूति सभी जीवों के प्रति दया भाव रखने से संभव है. स्वयं ईश्वर दया भाव से ओत-प्रोत हैं. मनुष्य होने का मतलब ही है, दूसरों के हृदय में अपनी जगह बनाओ और उनकी तकलीफों की स्वानुभूति करते हुए उन्हें दूर करने के प्रयास करो. स्वामी जी के ऐसे ही वचनों पर अमल करते हुए योगदा आश्रम हमेशा सक्रिय रहता है, खासकर आपदा के समय इस दिशा में वह आगे-आगे चलने का हिमायती है.

सहायता अभियान में भागीदारी

योगदा सत्संग आश्रम ने लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों  को सहायता सामग्री उपलब्ध कराने का अभियान जारी रखने की बात दोहरायी है. अभियान के अगले चरणों में विशेषकर ग्रामांचल और समाचार पत्र हॉकरों तक सहायता पहुंचाने की योजना है. योगदा सत्संग ने सबों से निवेदन किया है कि इस सहायता अभियान में वे भागीदार बनें.

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