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Covid-19 के खिलाफ जंग में मिसाल बन रहीं झारखंड की पंचायतें, केंद्र ने की तारीफ 

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Ranchi. कोविड-19 के खिलाफ गांव-गांव में जागरूकता फैलाने और कोरोना के संक्रमण को रोकने में झारखंड की पंचायतें शानदार प्रयास कर रही हैं. केंद्र सरकार ने अपनी पोर्टल (https://www.mygov.in/hi/) के जरिये उनके कामों को सराहा है.

कोडरमा की पिपराडीह पंचायत, धनबाद की दुमदुमी, हजारीबाग की पिण्डारकोण और पश्चिमी सिंहभूम की सरायकेला ग्राम पंचायत को उनके सकारात्मक प्रयासों के लिए केंद्र सरकार ने बेहतर उदाहरण बताया है. झारखंड सरकार और पंचायतों की आपसी समन्वय से गांवों में कोरोना महामारी से बचाव और जागरूकता की मुहिम लगातार जारी है.

कोरोना वॉलेंटियर्स के अभिनव प्रयोगों के जरिये गांव में सोशल डिस्टेंसिंग को बनाये रखने का काम हो रहा है. एसएचजी के माध्यम से गांव के लोगों को कोरोना से बचने को जागरूकता कार्यक्रम और दूसरे गतिविधियों के लिए उनकी सराहना की जा रही है.

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पंचायती राज विभाग ने केंद्र को भेजी थी जानकारी

केंद्र सरकार की ओर से झारखंड सरकार से कोरोना आपदा के समय में राज्य के अलग अलग पंचायतों में किये जा रहे बेहतर प्रयासों के संबंध में जानकारी मांगी गयी थी. इस आधार पर पंचायती राज विभाग ने विभिन्न पंचायतों में हो रहे प्रयासों के लिए पंचायत प्रतिनिधियों से संपर्क किया था.

लोगों के बीच कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए लगाये गये पोस्टर.

कई मुखियाओं ने इसे लेकर विवरण, फोटो और वीडियो भेजकर विभाग को जानकारी दी थी. स्क्रूटनी के बाद विभाग ने इसे केंद्र को भेज दिया था. केंद्र ने इसमें से 4 पंचायतों को उनके प्रयासों के लिए सराहा साथ ही कहा कि ये उनकी एक अच्छी पहल है.

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16 कोरोना वॉलेंटियर्स बने हैं कोरोना वारियर्स

कोडरमा के चंदवारा प्रखंड की एक पंचायत है पिपराडीह. मुखिया धीरज कुमार के अनुसार लॉकडाउन शुरू होते ही यह चिंता आने लगी थी कि बाहर से आने वाले लोगों के मामले में और सोशल डिस्टेंसिंग के मामले में क्या रणनीति बनायी जाये.

पिपराडीह पंचायत, कोडरमा के कोरोना वालेंटियर्स की टीम.

इसके बाद बीडीओ विनय कुमार से परमिशन लेकर पंचायत के 7 गांवों से कुल 16 लड़कों का चयन कर उन्हें कोरोना वॉलेंटियर्स बनाया गया. सबों को एक निर्धारित ड्रेस और आई कार्ड दिया गया. एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सबों को जोड़ा गया है ताकि कोई भी सूचना तत्काल मिल सके.

इसमें बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी और अन्य को भी जोड़ा गया है. बाहर से आनेवालों की सूची बनाना और निगरानी करना, जरुरत पड़ने पर उन्हें पंचायत के कोरेनटिन सेंटर में भर्ती करना, राशन वितरण और अन्य कार्यों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखना जैसे कार्यों में वे निरंतर भागीदारी निभा रहे हैं.

दुमदुमी में लगातार जारी है जागरूकता कार्यक्रम

धनबाद के दुमदुमी पंचायत में मुखिया विकास महतो प्रचार वाहनों के माध्यम से कोरोना आपदा से बचाव के बारे में लगातार प्रचार करवा रहे हैं. गांव में सैनीटाइजेशन का काम भी कराया गया है.

गांव की दीवारों पर कोरोना से बचाव के लिए लिखे गये हैं संदेश.

इसके अलावा गांव में दीवारों पर भी कोरोना वायरस से बचाव संबंधी संदेश लिखवाये गये हैं. पंचायत भवन को क्वॉरेंटाइन सेंटर के तौर पर भी तैयार किया गया है. वर्तमान में 9 लोग इस सेंटर का लाभ उठा रहे हैं.

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सोशल डिस्टेंसिंग का रखा जा रहा ख्याल.

पश्चिमी सिंहभूम के सरायकेला ग्राम पंचायत में एसएचजी ग्रुप की महिलाएं कोरोना से बचाव को निरंतर जागरूकता अभियान चला रही हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में पानी भरने की जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने, मास्क वितरण के कार्यों में भी इसका ध्यान रखने में वे मदद कर रही हैं.

इसी तरह हजारीबाग के पिण्डारकोण पंचायत में कोरोना से बचाव को प्रचार कार्यों के अलावा घर घर तक राशन और मास्क वितरण जैसे कार्यों में पंचायत पहल कर रही है.

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