
Giridih: भाई बहन के पवित्र प्यार का प्रतीक पर्व रक्षा बंधन शुक्रवार को ढेर सारी खुशियां लेकर आया. गिरिडीह में रक्षा बंधन को लेकर उत्साह दिखा. भद्रा नक्षत्र सुबह पौने दस बजे तक रहने के कारण सुबह से बहनें पर्व मनाने की तैयारी में जुट गई थी. इस दौरान हर घर घर में रक्षा बंधन के पावन गीत भी भाई बहन के कानों में मिश्री घोल रहा था. पर्व के प्रसिद्ध गीतो में इसे समझो न, रेशम के तार भइया, मेरे राखी का मतलब है प्यार भइया, रंग बिरंगी राखी लेकर आई बहना, राखी बंधवा ले मेरे मीत, जैसे कई नामचीन गीतो से हर घर गूंज रहा था.
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परंपरा का निर्वहन करते नजर आए भाई-बहन
इस मौके पर बहनों ने बड़े स्नेह के साथ माथे पर तिलक लगाकर भाईयो की आरती उतारी, इसके बाद कलाई पर राखी बांधी. इस दौरान छोटे भाइयों ने जहां बड़ी बहनों का पांव छूकर आशीर्वाद लिया, तो वही दूसरी तरफ छोटी बहनों ने बड़े भाई का पांव छूकर आशीर्वाद लिया और पर्व का परंपरा का निर्वाहन किया. कमोबेश, भाई बहन के इस पवित्र प्यार के पर्व के उत्साह दिखा. हर भाई बहन इस खास पर्व को पूरे परंपरा के साथ निभाते दिखे. लेकिन सबसे अधिक उत्साह छोटी बहनों में देखने को मिला. मौके पर अटूट प्यार के बीच भाई और बहनों ने पावन पर्व को धूमधाम के साथ मनाते दिखे.




