
Ranchi: राज्य में मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना का प्रपोजल लगभग तैयार है. स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल यूनिवर्सिटी अधिनियम का प्रस्ताव तैयार किया है. राज्य के सभी छह मेडिकल कॉलेज इसी यूनिवर्सिटी के अंदर आयेंगे. राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स को यूनिवर्सिटी बनाया जाना है. इसे जल्द ही कैबिनेट की स्वीकृति मिल जायेगी. साल के अंत तक रिम्स को यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल जायेगा.
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पीएमसीएच धनबाद, एमजीएम जमशेदपुर, हजारीबाग मेडिकल कॉलेज, पलामू मेडिकल कॉलेज और दुमका मेडिकल कॉलेज सभी रिम्स यूनिवर्सिटी के तहत आयेंगे. यूनिवर्सिटी का नाम क्या होगा यह फाइनल नहीं हो सका है. मेडिकल यूनिवर्सिटी बन जाने से सभी मेडिकल कॉलेजों का पाठ्यक्रम एक हो जायेगा. परीक्षा भी एक साथ ली जायेगी. इसके अलावा जरूरत पड़ने पर एक कॉलेज से दूसरे कॉलेजों में प्रोफेसरों की सेवा ली जा सकेगी.
मेडिकल कॉलेज की मान्यता मिल जाने से यहीं से मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों का नियंत्रण होगा. ड्राफ्ट की रूपरेखा के अनुसार, राज्यपाल कुलाधिपति होंगे. वे ही कुलपति की नियुक्त करेंगे. इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव एक्जीक्यूटिव कमिटी में होंगे.
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केंद्र सरकार से भी मिल सकेगा फंड, स्टूडेंटस कर सकेंगे शोध
राज्य में तीन पुराने मेडिकल कॉलेज थे. वहीं तीन नये कॉलेज हैं. तीन और मेडिकल कॉलेज पाइपलाइ में हैं. वर्तमान में छह मेडिकल कॉलेज संचालित हैं. जिनमें से किसी में भी रिसर्च नहीं होता. मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद छात्र रिसर्च कर सकेंगे. इसके साथ ही रिसर्च को बढ़ावा दिया जा सकेगा. इसके अलावा यूनिवर्सिटी की स्थापना हो जाने से केंद्र सरकार से यूनिवर्सिटी को दिया जाने वाला फंड भी मिलेगा. जिससे राज्य में मेडिकल एजुकेशन को बढ़ावा भी दिया जा सकेगा.
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