
Giridih: लॉकडाउन के बीच गिरिडीह में प्रवासी मजदूरों की घर वापसी जारी है. वहीं रविवार देर रात गुजरात के सूरत से लौटे तीन प्रवासी श्रमिक कोरोना पॉजिटिव पाये गये हैं. इधर कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग को लेकर जिला प्रशासन रेस है. हर तरह के जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं.
जिले में तीन कोरोना मरीज
गिरिडीह जिले में कोरोना वायरस के तीन मरीज मिले हैं. रविवार रात तीन प्रवासी मजदूरों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. ये सभी गुजरात के सूरत से वापस लौटे थे. और चार दिन पहले ही दूसरे राज्यों से लौटे हैं.पीएमसीएच धनबाद में देर रात आई जांच रिपोर्ट में गिरिडीह के तीन लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई. इनमें से दो बिरनी प्रखंड के गोरायडीह एवं केंदुआटांड़ के तथा एक जमुआ प्रखंड के रेम्बा के रहने वाले हैं. तीनों को प्रशासन ने गांव के ही एक सरकारी भवन में क्वारेंटीन किया गया था. फिलहाल तीनों गांवों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, और मरीजों के पूरे परिवार को भी संस्थागत क्वारंटाइन कर दिया गया है.
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अबतक 6 हजार से ज्यादा मजदूरों की वापसी
दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों का बड़ी संख्या में वापस आना जारी है. प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक पूरे जिले में छह हजार दो सौ 51 प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हो चुकी है. जिसमें सूरत, तेलगांना के मजदूर शामिल हैं. इधर प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो सोमवार को हैदराबाद से 1257, सूरत से 848 और मैंगलूर से 833 मजदूरों को लाने की तैयारी चल रही है. इन मजदूरों को लाने के लिए रविवार की देर रात शहर के सर्कस मैदान से बसों को रवाना किया गया.
गिरिडीह स्वास्थ विभाग इन प्रवासी मजदूरों के सैंपल को जांच के लिए धनबाद पीएमसीएच भी भेजने में जुटा हुआ है. रोजाना औसतन डेढ़ सौ मजदूरों का सैंपल भेजा जा रहा है.
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प्रशासन की रणनीति में बदलाव
इधर प्रवासी मजदूरों के सिलसिलेवार तरीके से घर वापसी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने कोरोना से निपटने को लेकर अपनी रणनीति में बदलाव किया है. इसी क्रम में रविवार को डीसी राहुल सिन्हा ने बदडीहा स्थित एएनएम हॉस्टल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में डीसी ने हॉस्टल में बने अस्थायी कोविड-19 अस्पताल के व्यवस्था को देख संतुष्टि जतायी.
प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो जिस प्रकार से प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हो रहा है. उसके अनुसार एएनएम हॉस्टल स्थित कोविड-19 हॉस्पीटल में सौ से अधिक बेड लगाएं गए है. कोरोना संक्रमित को हॉस्टल में रखा जाएगा. प्रवासी मजदूरों के स्वास्थ जांच के साथ कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग भी की जाएगी.
जांच के क्रम में हाई रिस्क वाले का सैंपल लिया जाएगा. जबकि लो रिस्क वाले को सहिया और स्वास्थ कर्मियों के देखरेख में रखा जाएगा. इस दौरान हाईरिस्क वाले का सैंपल पॉजिटीव मिलने के बाद एएनएम हॉस्टल के सुरक्षित वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा.
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