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गढ़वा: 35 आइपीएस अधिकारियों की ट्रांसफर्र-पोस्टिंग पर पूर्व विधायक ने कहा, एक से दूसरे जिले में अधिकारियों के मूवमेंट से लॉकडाउन का होगा उल्लंघन   

Palamu/Garhwa : गढ़वा के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता सत्येन्द्र तिवारी ने कोरोना काल में राज्य में 35 आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर्र-पोस्टिंग पर सवाल उठाया है.

पूर्व विधायक ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण उत्पन्न हुई आपात स्थिति में जहां राज्य के बाहर फंसे लाखों लोग दाने-दाने को मोहताज हैं. अपने घर वापस नहीं आ पा रहे हैं. वहीं ऐसी विषम परिस्थिति में राज्य सरकार बड़े पैमाने पर पुलिस पदाधिकारियों का ट्रांसफर पोस्टिंग कर उन फंसे हुए सभी विवश मजदूरों, विद्यार्थियों व रोगियों को चिढ़ाने का काम किया है.

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फंसे हुए सभी प्रवासी लोगों को ट्रांसफर कर घर पहुंचाने के बजाय राज्य सरकार पुलिस पदाधिकारियों के ट्रांसफर में जो दिलचस्पी दिखाई है. यह वही पुरानी कहावत को चरितार्थ करता है कि हंसुआ के ब्याह में खुरपी के गीत. उन्होंने राज्य सरकार से पूछा कि क्या भारी पैमाने पर पुलिस पदाधिकारियों के द्वारा एक जिले से दूसरे जिले में मूवमेंट करने से लॉक डाउन का उल्लंघन के साथ-साथ संक्रमण फैलने की संभावना नहीं है?

श्री तिवारी ने कहा कि लॉक डाउन के कारण लगभग 36 दिनों से बाहर फंसे हुए प्रवासियों को सहयोग करने के बजाए लॉक डाउन का हवाला देते हुए राज्य सरकार के द्वारा करीब 20 दिनों तक हेल्पलाइन और कोरोना सहायता एप दिखाकर गुमराह किया गया. पुनः हाल के 15 दिनों से राज्य सरकार ने नया कैसेट बजाने का काम शुरू किया है. जब भी प्रवासियों की घर वापसी की मांग हम जैसे बीजेपी के लोग करते हैं तो राज्य सरकार केंद्र से परमिशन का हवाला देकर लोगों को बरगलाने का काम करती हैं.

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भाजपा नेेता ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय के बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्रों, पर्यटकों को वापस लाने के निर्णय की प्रशंसा की है. कहा कि अब राज्य सरकारों का दायित्व है कि अपने-अपने राज्य वासियों की चिंता करते हुए अन्य प्रदेशों में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों, विद्यार्थियों, मरीजों को संबंधित राज्य सरकारों से समन्वय स्थापित कर, सोशल डिस्टेंसिंग और चिकित्सीय सुविधा के साथ अपने राज्य में वापस ले जाएं.

भाजपा नेता ने राज्य सरकार से मांग की है कि अब कोई नया बहाना ना बनाए. राज्य के बाहर फंसे सभी प्रवासी लोगों को अपने राज्य में सुरक्षित वापस लाने का संवेदनशील पहल करें, ताकि सभी प्रवासियों की जल्द से जल्द घर वापसी सुनिश्चित हो सके.

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