
Palamu : राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव सोमवार की शाम मेदिनीनगर पहुंचे. लालू यादव अगले दो दिनों तक पलामू में रहकर संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाएंगे. 8 जून को वह पलामू व्यवहार न्यायालय में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में पेश होंगे. पटना से हेलीकॉप्टर द्वारा लालू प्रसाद यादव 4.30 बजे चियांकी हवाई अड्डे पर उतरे. हवाई अड्डा पर लालू प्रसाद यादव का राजद कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. कार्यकर्ता स्वागत के लिए ढोल नगाड़े के साथ पहुंचे थे. इस दौरान जगह-जगह उनके स्वागत में तोरणद्वार बनाए गए हैं. जमकर नारे लगाए. हवाई अड्डा से सड़क मार्ग द्वारा सीधे लालू प्रसाद सर्किट हाउस पहुंचे. शाम करीब 4.40 बजे परिसदन पहुंचे. यहां 5.10 बजे तक कार्यकर्ताओं से मिले और उनका परिचय लिया. इसके बाद लालू यादव कमरे में चले गए.
लालू यादव से अधिकतर कार्यकताओं की मुलाकात नहीं हो पाई. वे अपने चहेते नेता की एक झलक पाने और उनसे आज ही मिलने को बेताब थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर उन्हें निराशा हाथ लगी. हालांकि कई प्रमुख कार्यकर्ता लालू यादव से आसानी से मिले. 7 जून को पूर्वाहन 10 बजे राजद के प्रखंड अध्यक्षों की बैठक परिसदन में रखी गई है. इसमें लालू प्रसाद यादव शामिल होंगे.
लालू यादव के साथ जयप्रकाश यादव, भोला यादव भी आए हैं. लालू यादव के स्वागत में झारखंड के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार सिंह यादव, सुरेश पासवान, पूर्व विधायक राधाकृष्ण किशोर, राजद के कार्यकारी पलामू जिला अध्यक्ष रामनाथ चन्द्रवंशी, साहिल साहनी सहित अन्य पार्टी नेता एवं सैकड़ों कार्यकर्ता सक्रिय थे.
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आखिरी बार 2016 में आए थे लालू
लालू यादव छह साल बाद पलामू आए हैं. आखिरी बार वह वर्ष 2016 में पांकी विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में बिट्टू सिंह के लिए प्रचार करने आए थे. पांकी ब्लॉक मैदान में लालू यादव की सभा हुई थी. ऐसे में उनके तीन दिवसीय कार्यक्रम को राजद के लिए संजीवनी बूटी के तौर पर देखा जा रहा है. एक जमाने में राजद का गढ़ रहा पलामू पार्टी के हाथ से पूरी तरह निकला चुका है. लालू यादव को भी इस बात का अहसास है.
झारखंड की राजनीति में राजद की मजबूती का रास्ता बिहारी भाषाई संस्कृति वाले पलामू से होकर जाता है. पलामू में कमजोर पड़ने के बाद राज्य में भी राजद की स्थिति कमजोर पड़ गई. अब राजद अपने अस्तित्व को बचाये रखने के लिए संघर्ष कर रहा है. भले ही लालू यादव चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में आ रहे हैं लेकिन वह पलामू प्रमंडल में राजद की खोई जमीन को वापस दिलाने का गुरुमंत्र नेताओं को जरूर देंगे.
इतने लंबे समय तक के लिए लालू यादव का पलामू में रुकना अरसे बाद हो रहा है. इससे कार्यकर्ताओं में उत्साह है. उनके पलामू आने पर झारखंड के राजद नेताओं के साथ-साथ बिहार के नेताओं का जमावड़ा लगा है. शहर के सारे हॉटल बुक हैं. बैठक में राजद को नई धार देने की रणनीति बनेगी.
एकीकृत बिहार के समय से ही लालू यादव की शख्सियत पलामू के लोगों पर हावी रही है. राजद के सांसद और विधायक यंहां से चुने जाते रहे हैं. लालू यादव के व्यक्तित्व के प्रति आकर्षण का अंदाजा सहज लगाया जा रहा है.
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8 जून को पलामू कोर्ट में पेश होंगे
दरअसल, लालू यादव पलामू की कोर्ट में पेश होने के लिए भी आए हैं. 8 जून को आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में वह अदालत के सामने उपस्थित होंगे. झारखंड विधानसभा चुनाव-2009 के दौरान गढ़वा जिले में लालू प्रसाद यादव पर आदर्श चुनाव आचार संहिता का मामला दर्ज हुआ था.
यह मामला (जीआर नंबर- 2676/2021) एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट पलामू में चल रहा है. इसके मजिस्ट्रेट सतीश कुमार मुंडा की अदालत में 8 जून को लालू प्रसाद यादव पेश होंगे.
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क्या है पूरा मामला
झारखंड विधानसभा चुनाव-2009 के दौरान गढ़वा विधानसभा क्षेत्र से गिरिनाथ सिंह राजद प्रत्याशी थे. उनके प्रचार में लालू प्रसाद यादव उड़नखटोला से पहुंचे. गढ़वा के गोविंद उच्च विद्यालय में लालू की सभा होनी थी. उड़खटोला के लैंड करने के लिए गढ़वा प्रखंड के कल्याणपुर में हेलिपैड निर्धारित था. इसके लिए प्रशासन ने अनुमति दी थी, लेकिन हेलिपैड पर न लैंड कर हेलिकाप्टर गोविंद उच्च विद्यालय के मैदान में बने सभा स्थल पर उतरा. इससे अफरातफरी मच गई.
इसी मामले में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और हेलिकाप्टर के पायलट के ऊपर प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
इसी मामले में पलामू कोर्ट में लालू की पेशी होनी है. गढ़वा में तत्कालीन बीडीओ डॉ. सुभाष सिंह ने मामला दर्ज कराया था. गढ़वा में स्पेशल कोर्ट नहीं होने के कारण मामला पलामू न्यायालय में चल रहा है.




