
Galudih : महुलिया पंचायत में बीडीओ कुमार अभिनव ने महारोजगार को लेकर जागरूकता वाहन को झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने पंचायत में एक बैठक कर महिलाओं को मानरेगा से जुड़ने के लिए कहा. मानरेगा मजदूरों का रोजगार का सबसे बड़ा साधन है. इस मानरेगा के मजदूर रोजगार के साथ ही साथ अपना खेती-बाड़ी काम भी आसानी से कर सकते हैं. प्राइवेट काम में दिन भर काम करने के बाद मजदूरी मिलती है. मानरेगा को जीवन का हिस्सा बनाएं. जॉब
काड बनाएं, पुराने जॉब काड का नवीनीकरण भी करवा सकते हैं. जॉब कार्ड के बाद पंचायत आकर काम की मांग भी कर सकते हैं. इसी के तहत मानरेगा से दीदी बाड़ी योजना, बकरी सेट, मुर्गी सेट आदि योजनाएं भी हैं. इधर बाघुडि़या पंचायत में मुखिया हुडिंग सोरेन ने महारोजगार दिवस पर गांव के लोगों के साथ बैठक कर रोजगार के बारे में जानकारी दी. साथ ही साथ इस क्रम में 100 दिन रोजगार करने वाले 34 मजदूरों के बीच प्रमाण पत्र और गमछा का वितरण किया गया.
इसे भी पढ़ें- पोटका के गुर्रा नदी में ने डूबे खड़गड़पुर के सूर्या का भी शव बरामद




