
Khunti: जिले में चल रहे अभियान के तहत बुधवार को सशस्त्र सीमा बल, एसएसआरबी और जिला पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए अभियान के दौरान खूंटी और अड़की थाना क्षेत्र के गांवों से कुल चार लोगों को पोस्ता के खेत में काम करते हुए गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार लोगों में खूंटी सदर थाना क्षेत्र के रीदाडीह गांव निवासी 25 वर्षीय सुकू मुंडा, 20 वर्षीय घाघरा गांव निवासी मंगरा मुंडा तथा अड़की थाना क्षेत्र के मारंगबेड़ा गांव निवासी 31 वर्षीय लक्ष्मण स्वांसी और 21 वर्षीय बिरसा स्वांसी के नाम शामिल हैं. अफीम के खेत में प्रयुक्त किए जा रहे कुदाल, पानी पंप सेट और पाईप पुलिस ने जब्त कर ली है. इसके साथ ही पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मारंगबेड़ा में छह एकड़ में लगे पोस्ता की फसलों को नष्ट कर दी.
अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसडीपीओ वरूण कुमार रजक ने बताया कि एसपी अमन कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि इन दोनों गांवों में अफीम की खेती हो रही है. जिसके बाद एसपी के द्वारा टीम गठित कर सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजा गया.
खूंटी सदर थाना क्षेत्र के शिम्बुकेल गांव में खूंटी के थाना प्रभारी मोहन कुमार के नेतृत्व में बनी टीम जैसे ही शिम्बुकेल गांव के अफीम खेत में पहुंची, तो दो युवक अफीम के पौधों में पानी पटा रहे थे. पुलिस ने तत्काल दोनो को घेर कर पकड़ लिया. इस टीम में एसआई आदित्य कुमार, अरूण कुमार, सीतारांम दांगी, चंदन कुमार व सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.
इधर एसएसबी की 26वीं कम्पनी के अड़की कैंप के सहायक समादेष्टा निलेश संतोष मासुले के नेतृत्व में टीम बनी, जिसमें अड़की के थाना प्रभारी मुकेश कुमार यादव, एसआई मनीष कुमार, एसएसआरबी व अड़की थाना के सशस्त्र बल शामिल थे. पुलिस टीम मारंगबेड़ा गांव पहुंची. जहां पुलिस पर नजर पड़ते ही अफीम के खेत में काम कर रहे लक्ष्मण स्वांसी और बिरसा स्वांसी भागने लगे, जिन्हें खदेड़कर पुलिस ने पकड़ ली. दोनो मारंगबेड़ा गांव के रहने वाले हैं.
बता दें कि एक दिन पूर्व भी पुलिस ने अफीम के खेत में काम करते छह लोगों को गिरफ्तार की थी, जबकि एनडीपीएस एक्ट के तीन कांडों में फरार चल रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने जेल भेजा था. दो दिनों के अंदर अफीम के मामले में कुल 11 लोगों को जेल भेजा गया.




