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पूर्व स्वास्थ्य सचिव के प्रस्तावों को भी गंभीरता से नहीं लिया रिम्स प्रबंधन ने

हॉस्टल में ऑटोमेटिक वॉशिंग मशीन लगाने की नहीं हुई अबतक कोई पहल

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                                        सुपरीटेंडेंट तो इस प्रस्ताव से भी है अंजान

Ranchi : रिम्स प्रबंधन स्वास्थ्य सचिव के बातों को भी गंभीरता पूर्वक नहीं लेता. तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव निधि खरे ने अपने निरीक्षण में कई बार रिम्स में नयी व्यवास्थाओं को आरंभ करने का प्रस्ताव रखा था. लेकिन समय के साथ-साथ प्रबंधन इन प्रस्ताव को भूला दिया. इन्हीं प्रस्ताव में एक था हॉस्टल में मेडिकोज कपड़े धोने के लिए ऑटोमेटिक मशीन लगाने की. रिम्स हॉस्टल में मेडिकोज के कपड़े धूलने के लिए स्वास्थ्य सचिव के द्वारा ऑटोमेटिक मशीन लगाने की बात कही गई थी. लेकिन इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं हुई है. दरअसल रिम्स हॉस्टल में पढने वाले स्टूडेंट्स की परेशानियों को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव द्वारा प्रस्ताव रखा गया था. लेकिन रिम्स प्रबंधन उनके इस प्रस्ताव को ही भूल गया. रिम्स सुपरिटेंडेंट को इसकी जानकारी तक नहीं है. उनसे जब पूछा गया कि कपड़ा धोने की ऑटोमेटिक मशीन लगाने की प्रक्रिया कहां तक आगे बढ़ी तो उन्होंने इस विषय में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही.

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कॉइन डालते ही धूल जाता कपड़ा

ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन लगने के बाद सिर्फ एक कॉइन डालने से कपड़े धूल जाते है. कॉइन डालते ही मशीन का दरवाजा खुलता और जरुरत के अनुसार कपड़े डालकर गेट बंद किया जा सकता है. इसके बाद कपड़े की धुलाई के बाद और  सुखने के बाद कपड़ा प्राप्त कर सकते है. इसमे सिर्फ कपड़े पर प्रेस करने की आवश्यकता रहती. मशीन लगने से स्टूडेंट के समय में काफी बचत होती.

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1800 छात्र-छात्रायें रहते है हॉस्टल में

रिम्स के हॉस्टल में लगभग 1500 से अधिक जूनियर और सीनियर डॉक्टर है. वहीं लगभग 300 से अधिक स्टूडेंट्स हॉस्टल एवं नर्सिंग स्कूल में पढ़ाई करते हैं. इतने ज्यादा संख्या होने के कारण स्टूडेंट को कपड़े धोने में काफी परेशानी होती है. इन्हीं परेशानियों को देखते हुए ऑटोमेटिक वॉशिंग मशीन लगाने की बातकही गयी थी.

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