न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

दुर्गा पूजा में महंगाई का असर, पूजन सामग्रियां हुईं महंगी

राजधानी में चरमोत्कर्ष पर है पूजा का रंग

114

Ranchi :  महागौरी की अराधना के साथ ही राजधानी में दुर्गा पूजा का चरमोत्कर्ष चहुं ओर दिखने लगा है. 19 अक्तूबर तक दशहरे के बाद दुर्गा पूजा उत्सव सभी जगहों पर समाप्त हो जायेगा. राजधानी के 300 से अधिक पूजा पंडालों में जहां मां भगवती के दर्शन के लिए दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गयी है, वहीं घरों में नवरात्र की अराधना में जुटे भक्तों के लिए रोजाना की पूजन सामग्री इकट्ठा करने में अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. वासंतिक नवरात्र को लेकर प्रत्येक दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है. इसमें माता का भोग और उसके श्रृंगार के लिए फूल माला और अन्य चीजों का रहना हिंदू रीति-रिवाज के हिसाब से जरूरी है.

इसे भी पढ़ें – चंदवे में लड़की की छेड़खानी को लेकर हंगामा, दो पक्ष भिड़े, पुलिस बल तैनात

फूल विक्रेताओं ने बढ़ा दिये कीमत

पुष्प विक्रेताओं की तरफ से माता की पहली पसंद उड़हुल फूल की माला, कमल का फूल, गेंदे के फूल की कीमतें अचानक बढ़ा दी गयी हैं. 108 फूलों के उड़हुल फूल की माला की बिक्री 150 रुपये में की जा रही है, वहीं गेंदे के फूल की एक माला 20-25 रुपये में बिक रहे हैं. इसी प्रकार अन्य पूजन सामग्रियां भी महंगी हो गयी हैं. दशहरे को लेकर फलों की कीमतें भी आसमान पर हैं. नारियल 25 से 30 रुपये, शरीफा 100 रुपये किलो, तो हरा सेब 80 से 100 रुपये तक बिक रहा है. महाअष्टमी पूजन के लिए ईख, कच्चा बदाम, शकरकंद भी जरूरी होता है. ये सभी 30 से 50 रुपये बिक रहे हैं. वहीं खोवे की मिठाईयां भी 200 से 250 रुपये किलो उपलब्ध हैं. नवरात्र के नौ दिन तक अखंड दीप का जलना जरूरी है. इसलिए निर्बाध गति से नौ दिन तक 24 घंटे घी का दीया जलाना जरूरी है. घी भी 350 रुपये से लेकर छह सौ रुपये किलो पूजा दुकानों में बिक रहा है. इसके अतिरिक्त रोड़ी, सिंदुर, पान का पत्ता, कसैली, इत्र, शालू कपड़ा तथा अन्य सामग्रियां भी पिछले वर्ष से इस बार 20 फीसदी महंगी हैं.

इसे भी पढ़ें – धनबाद की पुलिस दुर्गा पूजा में बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम

पुरोहितों की दरें भी बढ़ीं

माता के पूजन में लगे पुरोहितों की दरें भी इस वर्ष काफी बढ़ गयी हैं. नवरात्र का साधारण पाठ करने के लिए पांच हजार रुपये से 8000 रुपये तक लिये जा रहे हैं. वहीं संपुट नवरात्रि पाठ के लिए 15 हजार रुपये से 21 हजार रुपये तक की मांग भी पुरोहितों की तरफ से की जा रही है. इसमें पुरोहितों के लिए धोती-साड़ी और अन्य सामग्रियां शामिल नहीं हैं.

इसे भी पढ़ें – रांची विवि में व्यावसायिक शिक्षा के लिए 50 शिक्षकों का चयन

पूजा पंडालों में लगे फूड कार्नर में भी वस्तुएं महंगी

राजधानी के विभिन्न पूजा पंडालों में लगे फूड कार्नर में भी इस बार सब चीजें उपलब्ध हैं. दर्शनार्थियों को इसके लिए जेब ढीली करनी पड़ रही हैं. कहीं 40 रुपये में तीन पीस कचौड़ी दिया जा रहा है. तो वहीं दोसा-इडली 100 के पार उपलब्ध है. आइसक्रीम भी 40 रुपये से कम नहीं है. पीने का पानी का बॉटल भी 25 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है. पूजा पंडालों में लगाये गये फूड कार्नर में बैठ कर खाने की व्यवस्था है. पर कीमतें सभी को रूला रही हैं, चाहे वह चाइनीज फूड हो, दोसा हो, इडली हो, वेज रोल हो, मोमो हो, पाव भाजी अथवा पनीर चिल्ली अथवा वेज चिल्ली. सभी चीजें 80 रुपये से लेकर 200 रुपये तक के भाव पर उपलब्ध हैं. राजधानी के अधिकतर होटलों, रेस्तरां की तरफ से लोगों को रिझाने के लिए बाहरी बरामदे में व्यवस्था की गयी है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: