
Ranchi : चारा घोटाला के एक मामले में मंगलवार को लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया गया. इसके बाद दोपहर दो बजे उन्हें पुलिस सुरक्षा में होटवार जेल भेज दिया गया. अब वहां से जरूरी प्रक्रिया पूरी करने पर रिम्स कॉटेज भेजा जायेगा. लालू प्रसाद को दोषी करार दिये जाने के बाद सुबह से ही कोर्ट परिसर में जमे उनके समर्थकों के चेहरों पर मायूसी झलकने लगी. अचानक से वीरानगी छा गयी. कोर्ट के इस फैसले की उम्मीद तो सब अंदर अंदर कर रहे थे पर यह भी उम्मीद लगाये बैठे थे कि उम्र और मेडिकल ग्राउंड पर लालू प्रसाद को कोर्ट छोड़ भी सकता है. हालांकि ऐसा नहीं हुआ.
इसके बाद मीडिया के सामने पार्टी समर्थक कोर्ट के लिए सम्मान तो जताते रहे पर इस प्रकरण में भाजपा-आरएसएस का हाथ भी बताया. कहा कि साजिश भाजपाई और नीतीश कुमार जैसे नेताओं की रही पर इसके एवज में सजा लालू प्रसाद को भुगतनी पड़ी है.
लालू विचारधारा होगी और मजबूत
पूर्व विधायक संजय यादव कहते हैं कि अभी कोर्ट के फैसले से स्वाभाविक रूप से मायूसी तो है पर यह भी तय है कि इससे गरीब गुरबों, शोषितों, वंचितों में लालू विचारधारा और मजबूत होगी. लालू व्यक्ति विशेष नहीं, अपने आप में एक विचारधारा हैं. गरीबों, शोषितों के लिए, सामाजिक न्याय के लिए उन्होंने जो संघर्ष किया है, वह एक मिसाल है. फासीवादी ताकतें, भाजपाई लोग लालू के खिलाफ शुरू से विरोध में रहे हैं. भांति-भांति की साजिश करते आये हैं. उसी का फल लालूजी को भोगना पड़ रहा है.

पार्टी कानून का सम्मान करती है पर यह भी सच है कि पार्टी और बिहार झारखंड के साथ साथ देशभर के गरीब गुरबों के बीच लालू विचारधारा और सबल होगी. आने वाले समय में पार्टी और धारदार तरीके से लोगों के बीच स्थापित होगी.
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मोतिहारी लोकसभा चुनाव प्रत्याशी रहे और राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक लालू प्रसाद शुरू से भाजपा-आरएसएस के निशाने पर रहे हैं. जब वे सीएम बने थे तो उन्हें खोखला बिहार मिला था.
उन्होंने पूरे जतन से उसे संवारने में ताकत लगायी. गरीबों, शोषितों के जीवन को संवारने में रोल अदा किया. लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा को रोकने पर वे भाजपा-आरएसएस के निशाने पर आ गये.
सीएम खुद से ट्रेजरी से पैसे की निकासी नहीं करता. ट्रेजरी ऑफिसर और अन्य इसके लिए होते हैं. पर साजिश के तहत उन्हें फंसाया गया. बावजूद इसके बिहार में राजद मजबूत हुआ है.
तेजस्वी के नेतृत्व में पार्टी ने दमदार उपस्थिति बिहार में दिखायी है. नीतीश कुमार को शातिर चाणक्य बताते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ मिल कर उन्होंने भी लालूजी के खिलाफ गेम खेला.
आगामी विधानसभा चुनाव में नीतीश के साथ जाने के सवाल पर कहा कि राजनीति में कुछ भी संभव है. यह संभावनाओं का खेल होता है.
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