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एके चौबे पर CCL Managment मेहरबान, विजिलेंस रिपोर्ट के बाद भी बने रहे जिम्मेदार पद पर, इन्हें छोड़ बाकियों पर हुई कार्रवाई

Akshay Kumar Jha

Ranchi : सीसीएल प्रबंधन एक बार फिर से सवालों के घेरे में हैं. ताजा मामला एके चौबे को लेकर है. श्री चौबे आम्रपाली प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक (जीएम) थे. सीसीएल की विजिलेंस रिपोर्ट में बताया गया है कि श्री चौबे ने कई कामों में अनियमितता बरती है. अनियमितता इस प्रकार की थी कि विजिलेंस को उनका नाम एग्रीड लिस्ट में डालना पड़ा. एग्रीड लिस्ट में नाम शामिल होने के बावजूद वो जून 2021 तक अपने पद पर बने रहे और लगातार कई फैसले लेते रहे. जबकि एग्रीड लिस्ट में नाम शामिल होने के बाद कोई भी अधिकारी जिम्मेदार पद पर नहीं बना रह सकता.

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क्या होता है एग्रीड लिस्ट और कौन था एके चौबे पर मेहरबान

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अगर किसी सीसीएल अधिकारी की कार्यशैली प्रबंधन को या सीसीएल विजिलेंस को ठीक नहीं लगती, तो विजिलेंस की तरफ से जांच की जाती है. जांच में अनियमितता पाये जाने पर विजिलेंस की तरफ से अधिकारी को एग्रीड लिस्ट में डाल दिया जाता है. यह दो तरह का होता है.

मेजर और मायनर. विजिलेंस की तरफ से किसी भी तरह के एग्रीड लिस्ट में नाम आ जाने के बाद वो अधिकारी किसी जिम्मेदार पद पर नहीं बना रह सकता. प्रबंधन की तरफ से उसे तत्काल जिम्मेदार पद से हटा दिया जाता है. लेकिन एके चौबे के मामले में ऐसा नहीं हुआ.

एग्रीड लिस्ट में नाम आने के बाद भी वो आम्रपाली प्रोजेक्ट के जीएम यानी महप्रबंधक के पद पर बने रहे. ऐसा होने के बाद अब सीसीएल प्रबंधन सवालों के घेरे में है. यहां बता दें कि सीसीएल के सीएमडी के पद पर पीएम प्रसाद कार्यरत हैं. उनके पास बीसीसीएल के सीएमडी का भी प्रभार है.

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एके चौबे को छोड़ तीन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

जहां प्रबंधन की नजदीकियों की वजह से एके चौबे पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई, वहीं सीसीएल के तीन अधिकारियों पर एग्रीड लिस्ट में नाम आने के बाद कार्रवाई हुई. इनमें महेश कुमार पासी जो गोविंदपुर प्रोजेक्ट के पीओ (प्रोजेक्ट अफसर) थे.

शंभू झा, ये आम्रपाली प्रजोक्ट में मैनेजर के पद पर थे और डीके शर्मा, ये आम्रपाली प्रोजेक्ट में पीओ के पद पर काबिज थे. इन तीनों को एग्रीड लिस्ट में नाम आने के बाद तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया.

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वहीं एके चौबे का नाम विजिलेंस की तरफ से एग्रीड लिस्ट में शामिल होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई. ऐसे में अब सीसीएल प्रबंधन सवालों के घेरे में है.

नोटः मामले में सीसीएल के सीएमडी पीएम प्रसाद से बात करने की कोशिश की गीयी. लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. उनके तरफ से I will Call you later का मैसेज आया. लेकिन कॉल नहीं आया.

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