
Ranchi : मंगलवार को बिहार के पूर्व सीएम सह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया गया. चारा घोटाला के सबसे बड़े मामले डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी में अदालत ने दोषी करार दिया है. 21 फरवरी को सजा का ऐलान होने के बाद पता चलेगा कि लालू प्रसाद यादव को जेल मिलेगा या बेल. फिलहाल दोषी करार दिये जाने के बाद लालू प्रसाद यादव को कस्टडी में भी ले लिया गया है. मेडिकल ग्राउंड पर रांची स्थित रिम्स शिफ्ट किया गया है. लालू यादव को कितने दिन और जेल में बिताने होंगे और कितने दिनों के बाद वे जेल से बाहर आ सकेंगे. जानें उसके बारे में.
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5-7 साल की सजा हुई तो…
हाइकोर्ट के अधिवक्ता राहुल कुमार पांडेय के मुताबिक लालू प्रसाद यादव को 5-7 साल की सजा हो सकती है. ऐसे में करीब चार माह जेल में ही बिताना होगा. हाइकोर्ट में अपील दायर करते हैं तो हाइकोर्ट से जमानत मिल सकती है.
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आधी सजा काट चुके होंगे तो मिल सकती है जमानत
हाइकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार के अनुसार पहले जो सजा मिली है उसके आधार पर जमानत मिल सकती है. अगर पिछली बार की सजा आधी काट चुके होंगे तो इस आधार पर जमानत मिल सकती है. अगर आधी सजा पूरा नहीं किये होंगे तो हाइकोर्ट से जमानत मिल सकती है. इस प्रक्रिया को पूरा करने में कुछ दिन जेल में रहना होगा.
कब-कब गये जेल?
चारा घोटाले के संबंध में पश्चिमी सिंहभूम जिले (चाईबासा) के तत्कालीन उपायुक्त अमित खरे ने 27 जनवरी 1996 को सबसे पहले बताया था. बिहार पुलिस ने इस पर केस दर्ज किया और जांच आगे बढ़ायी तो इसके तार सीधे-सीधे लालू प्रसाद यादव से जुड़े निकले. फिर इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे सीबीआइ को सौंप दिया गया.
इसके बाद जांच आगे बढ़ती गयी और परत-दर-परत सच्चाई बाहर आती चली गयी. लिहाजा घोटाले में मुख्य आरोपी बनाये गये लालू यादव को सात बार जेल जाना पड़ा.
- पहली बार: 30 जुलाई 1997 को पहली बार लालू यादव को सलाखों के पीछे जाना पड़ा, हालांकि 135 दिन जेल में रहने के बाद वे बाहर आ गये.
- दूसरी बार: 73 दिनों के लिए लालू प्रसाद को 28 अक्टूबर 1998 को जेल जाना पड़ा था.
- तीसरी बार: 11 दिनों के लिए पांच अप्रैल 2000 को जेल जाना पड़ा.
- चौथी बार: आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक दिन के लिए 28 नवंबर 2000 को जेल जाना पड़ा.
- पांचवीं बार: 26 नवंबर को 23 दिनों के लिए सलाखों के पीछे जाना पड़ा.
- छठी बार: 70 दिनों के लिए 3 अक्टूबर 2014 को जेल जाना पड़ा.
- सातवीं बार: 23 दिसंबर 2017 को वे जेल गये करीब 37 माह जेल में रहना पड़ा. हालांकि खराब स्वास्थ्य के कारण कई बार जांच कराने के लिए जेल से बाहर आये लेकिन वापस भेज दिये गये.
- आठवीं बारः 15 फरवरी को चारा घोटाला के सबसे बड़े मामले डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी में अदालत ने दोषी करार दिया, दोषी करार दिये जाने के बाद लालू यादव को कस्टडी में भी ले लिया गया है. मेडिकल ग्राउंड पर रांची स्थित रिम्स शिफ्ट किया गया है.
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