
Ranchi : राज्य सरकार ने 2017 में भूमिहीनों को जमीन मुहैया कराने का प्लान बनाया. राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग (ज्ञापांक 6144, 21-12-2017) ने इससे संबंधित संकल्प भी जारी किया. इसमें कहा गया कि अवैध जमाबंदी व अनियमित जमाबंदी को रद्द किया जायेगा. इसके बाद इस जमीन को भूमिहीन व्यक्तियों के बीच बांटा जायेगा. कृषि कामों के लिए 5 एकड़ और आवास के लिए 12.50 डिसमिल तक जमीन बंदोबस्त की जायेगी.
पर जमीनी तौर पर इस जमीन आवंटन की राह आसान नहीं लगती. पेटरवार (बोकारो) के अरविंद शर्मा इसकी बानगी हैं. पिछले 3 सालों में उन्हें एक डिसमिल जमीन भी मुहैया नहीं करायी जा सकी है.
कोर्ट, प्रमंडलीय कमिश्नर की पहल के बावजूद. अब ब्लॉक प्रमुख औऱ सांसद, विधायक के पास भी फरियाद लगायी गयी है.
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कोर्ट का निर्देश भी ताक पर
पेटरवार के भूमिहीन अरविंद शर्मा को पीएम आवास स्कीम की जरूरत थी. पर उनके सामने जमीन की समस्या सामने आयी. नवंबर, 2018 में आरटीआइ से आवास स्कीम की विस्तृत जानकारी मांगी.
इस पर उन्हें राजस्व, भूमि सुधार विभाग का सर्कुलर मुहैया कराया गया. बताया गया कि सुयोग्य भूमिहीनों को आवास स्कीम के लिए 12.50 डिसमिल जमीन मुहैया करायी जाती है. इस आधार पर जनवरी, 2019 में सीओ के पास जमीन के लिए आवेदन किया. सुनवाई नहीं होने पर तेनुघाट कोर्ट (बोकारो) में आग्रह किया.
कोर्ट की पहल पर एक पैनल बना जिसने आवास स्कीम के लिए अरविंद को योग्य पाया. इसके बाद कोर्ट ने बोकारो एसडीओ, डीसी को लेटर लिखा. तीन बार रिमाइंडर तक दिया. जुलाई, 2019 में हजारीबाग कमिश्नर को भी कोर्ट ने कहा.
कमिश्नर के यहां अरविंद ने आरटीआइ डाला. इसके जवाब में पता चला कि कमिश्नर कार्यालय ने भी बोकारो डीसी को जमीन मुहैया कराये जाने का निर्देश दिया है. पर 24 जून तक डीसी के स्तर से जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया है.
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जनप्रतिनिधियों से ही आस
अरविंद शर्मा कहते हैं कि सरकार ने भूमिहीनों के लिए महज प्रावधान बना रखा है. कोर्ट औऱ कमिश्नर के आदेश को भी जिला प्रशासन ताक पर रखे हुए है.
अब उन्हें ब्लॉक प्रमुख सीमा देवी के पास फरियाद रखनी पड़ी है. इसके अलावा सांसद सीपी चौधरी और विधायक लंबोदर महतो के पास भी गुहार लगायी है.
उपलब्ध है 2 लाख एकड़ जमीन
फरवरी, 2020 में राज्य स्तरीय भूदान यज्ञ समिति के चेयरमैन फिलेडिस टोप्पो ने कहा था कि दो लाख एकड़ जमीन बांटने की तैयारी है. भूदान की चिन्हित जमीनों का ब्योरा मिलने औऱ सत्यापन के बाद जमीन वितरण की कार्रवाई की जायेगी. इसके बाद राज्य सरकार ने भूमिहीनों के बीच 2 लाख एकड़ जमीन बांटने की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी थी.
इसका लाभ 4 लाख लोगों को दिये जाने का लक्ष्य तय किया गया. सभी जिलों से इसके लिए भूदान की बकाया जमीनों की सूची तैयार की गयी.
अलग-अलग जिलों से इससे संबंधित रिकॉर्ड मंगाये गये थे. जमीन पर से अवैध कब्जे को हटा कर उसे वितरण किये जाने की योजना थी. लाभुकों का चयन ग्राम सभा के जरिये किये जाने का प्रावधान रखा गया.
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
पेटरवार सीओ ब्रजेश श्रीवास्तव के मुताबिक उनके पास आवेदन आया है. उन्होंने 24 जून को अपने स्टाफ, कर्मचारियों को अरविंद शर्मा से संबंधित रिपोर्ट मांगी है.
वे अगर भूमिहीन होंगे तो आवास योजना के लिए निश्चित तौर पर न्यूनतम 2-3 डिसमिल जमीन दिलायी जायेगी. उसकी बंदोबस्ती होगी. सरकारी प्रावधानों के अनुरूप भूमिहीनों के लिए जो भी प्रावधान हैं, उसका लाभ मिलेगा.
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