
Uday Chandra Singh
New Delhi: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरुवार को प्रेसिडेंशियल स्पेशल ट्रेन से नयी दिल्ली से कानपुर की अपनी यात्रा पर रवाना होंगे. ऐसे में पूरे रास्ते में सुरक्षा व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती है. इसे देखते हुए सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किये गये हैं. यहां तक कि पत्रकारों को दिल्ली में तैयार खड़े राष्ट्रपति के शानदार सलून की तस्वीरें लेने की भी इजाज़त नहीं है.
बेशक राष्ट्रपति ट्रेन का उपयोग कम ही करते हैं, लेकिन आपको यह जान कर आश्चर्य होगा कि रेलवे ने राष्ट्रपति के लिए एक विशेष ट्रेन रखा हुआ है, जिसमें सिर्फ़ राष्ट्रपति ही सफ़र कर सकते हैं.
लेकिन इस ट्रेन का इस्तेमाल बहुत कम होने के कारण इसका रखरखाव एक बड़ी समस्या है. इस बार, 15 साल बाद राष्ट्रपति भवन की ओर से रेलवे से सलून की मांग की गयी है. सुरक्षा कारणों से पुराने सलून का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा.

रेलवे ने अपनी रॉयल टूरिस्ट ट्रेन महाराजा ट्रेन को प्रेसिडेंसियल स्पेशल ट्रेन के रूप में बदल दिया है, जिसमें अत्याधुनिक सुविधाएं हैं और सुरक्षा की दृष्टि से भी यह ट्रेन बेहतर है. महाराजा के क़रीब 11 डिब्बों को राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए नये सिरे से अनुकूलित किया गया है.
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ये सुविधाएं हैं महाराजा रॉयल ट्रेन में
महाराजा ट्रेन अंदर से बेहद सुंदर है, इसे देश के अलग-अलग राज्यों की पेंटिंग कला के नमूनों से सजाया गया है. साथ ही इसे अत्याधुनिक सुविधाओं से भी संवारा गया है. इसमें एक ड्राइंग रूम, डाइनिंग हॉल के अलावा आरामदेह शयन कक्ष भी है.

इसके किचेन में आधुनिक किचेन के सभी उपकरण लगे होते हैं. विशेष ट्रेन होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से भी इसके कोच उच्च क्वालिटी के हैं.
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अब तक चार राष्ट्रपति कर चुके हैं ट्रेन से सफर
रामनाथ कोविंद से पहले प्रेसिडेंशियल स्पेशल ट्रेन से प्रथम राष्ट्रपति सहित चार राष्ट्रपति यात्रा कर चुके हैं. सबसे पहले इस ट्रेन में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वर्ष 1950 में सफर किया था. वे इस ट्रेन से दिल्ली से कुरुक्षेत्र तक गये थे.
उनके बाद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन वर्ष 1977 में और डॉ. नीलम संजीवा रेड्डी ने भी इस ट्रेन से यात्रा की है. इसके 26 साल बाद 30 मई 2006 को राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने बिहार तक इस ट्रेन में सफर किया था. तब से 15 वर्ष बीतने के बाद भी यह स्पेशल ट्रेन दिल्ली में ही खड़ी रहती है.
अब 25 जून 2021 को देश की आजादी के बाद पहली बार राष्ट्रति रामनाथ कोविंद को लेकर महाराजा रॉयल ट्रेन दिल्ली-कानपुर रेलखंड पर दौड़ेगी.
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