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जानें क्यों रेलवे पर भड़के परिवहन मंत्री, क्यों कहा-कोरोना रोकने के नाम पर काटी जा रही जेब 

Ranchi. झारखंड में अलग अलग रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट के दाम बढ़ा दिये गये हैं. 10 रुपये का टिकट 30 से 50 रुपये में स्टेशनों पर दिया जा रहा है. मकसद स्टेशन पर यात्रियों के साथ आने वालों की संख्या सीमित करने का है. रेलवे के मुताबिक इससे कोरोना संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी. पर यात्रियों, पैसेंजर एसोसिएशन में इसे लेकर नाराजगी दिख रही है. परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने भी इसे लेकर रेलवे पर सवाल उठाया है.

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स्कूल में नहीं पर स्टेशनों पर कोरोना का खतरा

चंपई सोरेन ने ट्विटर पर भी अपनी भड़ास उतारी है. कहा है कि केंद्र ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के भी दाम बढ़ा दिये हैं. अब प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत बढ़ा दी गयी है. रेलवे का तर्क है कि कोरोना काल में स्टेशनों पर भीड़ रोकना जरूरी है. वहीं दूसरी ओर भाजपा शासित राज्यों में स्कूलों को खोल दिया गया है. यूपी, बिहार में स्कूलों को खोला गया है जबकि अभी बच्चों को वैक्सीन नहीं दी गयी है. ऐसे में एक ओर जब बिना वैक्सीन के बच्चे सुरक्षित हैं तो क्या कोरोना सिर्फ स्टेशन पर ही आय़ेगा.

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यात्रियों का आर्थिक दोहन

झारखंड पैसेंजर्स एसोसिएशन ने भी रेलवे से स्पेशल ट्रेन और प्लेटफॉर्म टिकट के नाम पर अधिक पैसे लिये जाने का विरोध किया है. एसोसिएशन के सचिव प्रेम कटारूका के अनुसार सरकार ने देश भर में नियमित यात्री गाड़ियों का परिचालन कोरोना से खतरे के नाम पर अब तक ठप्प किया हुआ है. स्पेशल ट्रेन का तमगा लगा कर यात्रियों से सामान्य भाड़े से 30% से 40% अधिक भाड़ा लिया जा रहा है. कम दूरी की यात्रा के लिये तो 100% या उससे भी अधिक भाड़ा वसूला जा रहा है. 10 रुपये का प्लेटफॉर्म टिकट अनावश्यक रूप से बढ़ा दिया गया है. इससे गरीब और मध्यमवर्गीय यात्रियों के पॉकेट पर डाका पड़ रहा है. रेलवे इस मामले में गंभीरता दिखाये.

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