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कई विभागों में 60 से 80 फीसदी तक कर्मचारियों की कमी, नियमावली के पेंच में फंसी है बहाली

PRAVIN KUMAR

Ranchi:  एक ओर राज्य सरकार लाखों लोगों को रोजगार देने का दावा कर रही है. वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों का कैडर मैनेजमेंट पूरी तरह से चरमराया हुआ है. हाल यह है कि प्रोजेक्ट भवन (झारखंड मंत्रालय) के साथ-साथ जिले में वरीय और कनीय पद रिक्त हैं. मिजी जानकारी के अनुसार मौजूद 11 विभागों में फिलहाल 5738 पद रिक्त हैं. इन विभागों में कुल स्वीकृत पदों की संख्या 9948 है. लेकिन इनके स्थान पर 4210 पद पर ही कर्मी कार्यरत हैं. इस तरह लगभग 60 फीसदी पद रिक्त हैं.

विकास पर प्रतिकूल प्रभाव

झारखंड सरकार में तीन तरह के कर्मचारी हैं. इनमें सरकारी, सहायता अनुदान मद और संविदा पर कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं. कर्मचारियों की कमी से विकास योजनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कही जाती है. आंकड़ों के अनुसार, राजस्व स्रोतों के विभाग में भी कर्मचारियों का अभाव है. राज्य के सबसे बड़े राजस्व स्रोत वाले वाणिज्यकर विभाग में 48.11 फीसदी कर्मचारी कम हैं. उत्पाद विभाग में भी 74 फीसदी कर्मचारियों की कमी है. सरकारी विभागों में कर्मचारियों की स्थित और रिक्त पदों के आंकड़े चौकाने वाले हैं.

क्यों हो रहा है ऐसा

नियमावली में मौलिक तथ्यों को शामिल नहीं किया गया है. रोस्टर क्लीयरेंस में एकरूपता नहीं है. कई विभागों ने कार्मिक को जो प्रस्ताव सौंपा है, उसमें भी मौलिक तथ्यों का अभाव है. शिक्षा विभाग, पथ विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा बनायी गयी नियमावली में एकरूपता नहीं है.

क्या है सरकार का निर्देशः

  • सभी विभाग कैडर सूची और सेवा नियमावली वेबसाइट पर डालें.
  • दो साल के अंदर रिटायर होने वाले कर्मियों की सूचना वेबसाइट पर डालें.
  • आंकड़ा नहीं देने पर वेतन पर रोक लगायें.
  • सभी विभाग अपने कैडर से संबंधित आंकड़े व्यक्तिगत सूचना प्रणाली पर लाना सुनिश्चित करें.
  • पेंशन के लंबित मामलों पर त्वरित कार्रवाई करें.
  • जो नियुक्तियां हुई हैं और हो रही हैं,  उनसे संबंधित डाटा के साथ सर्विस बुक को भी वेबसाइट पर अपलोड करें.
  • प्रोन्नति के लिए टाइम टेबल बनायें.

इन विभागों की नियमावली में है पेंच

अब तक वित्त विभाग, राज्य वन सेवा नियमावली, राज्य अभियांत्रिक नियमावली, राजभाषा नियमावली, शिक्षा से संबंधित नियमावली, उत्पाद विभाग की नियमावली में पेंच फंसा हुआ है. उसके अलावा नियुक्तियों के लिए  बजटीय प्रावधान भी नहीं किया गया है. अगर एक लाख नियुक्तियां हों तो 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा.

किस विभाग में कितने पद रिक्त हैं 

वाणिज्य कर विभाग राज्य में कर पदाधिकारी के कुल 241 पद हैं जिसमें 128 पद रिक्त हैं. वही विभाग में अपर कर आयुक्त के 2 पद हैं. दोनो ही रिक्त हैं. विभाग में 545 पद हैं, जिसमें 245 पद खाली हैं. योजना सह वित्त विभाग में हाल काफी खऱाब है. 272 पदों के मुकबले मात्र 63 पदो पर ही उप लेखा नियतंत्रक, अंकेक्षण पदाधिकारी, वरीय अंकेक्षक हैं. पदचर के 209 पद रिक्त है. भविष्य निधि निदेशालय, योजना सह वित्त विभाग में अराजपत्रित तृतीय श्रीणी के 147 के मुकगले मात्र 63 पदो पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं  84 पद रिक्त हैं.  सबसे खऱाब हाल योजना सह वित्त विभाग में अराजपत्रित चतुर्थ वर्ग के पदो का है, जहां कुल 81 पद हैं और मात्र 11 कर्मचारी ही कार्यरत है. 70 पद रिक्त हैं.

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