
- इलेक्ट्रिसिटी एक्ट के तहत एक महीने में भरना है पद
Ranchi: राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष का पद पिछले कुछ दिनों से खाली है. पूर्व अध्यक्ष अरविंद प्रसाद के इस्तीफा के बाद इस पर नयी नियुक्ति नही हुई है. विद्युत नियामक आयोग में अध्यक्ष और सदस्य की बहाली ऊर्जा विभाग की ओर से की जाती है. ऊर्जा विभाग की ओर से इस संबध में अब तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं की किया गया है. यहां तक कि ऊर्जा विभाग की ओर से इस पर कोई तैयारी भी नहीं की गयी है.
पूर्व अध्यक्ष को इस्तीफा दिये लगभग बीस दिन हो गये हैं. इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की मानें तो राज्य सरकार को विद्युत नियामक आयोग में अध्यक्ष पद पर इस्तीफा या कार्यकाल पूरा होने के एक महीने के भीतर नयी बहाली की जानी चाहिए. वहीं अगर इस्तीफा या कार्यकाल पूरा होने के संबध में पहले से सूचना हो तो छह महीने पूर्व भी बहाली या नियुक्ति की जा सकती है. फिलहाल ऊर्जा विभाग ने इस संबध में कोई कार्रवाई नहीं की है.
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नोटिफिकेशन के बाद लगेगा दो महीने का समय
ऊर्जा विभाग की ओर से नोटिफिकेशन जारी किये जाने के बाद लगभग दो महीने का समय नयी बहाली में लगेगा. राज्य सरकार के नोटिफिकेशन जारी करने के बाद, अध्यक्ष पद पर आवेदन आते हैं. ऊर्जा विभाग की चयन समिति आवेदनों की समीक्षा करती है. चयन समिति की ओर से दो नामों की सिफारिश की जाती है जिसमें से किसी एक को अध्यक्ष पद पर नियुक्ति किया जाता है.
ऐसे में अगर ऊर्जा विभाग पूर्व में नोटिफिकेशन जारी करता तो भी अध्यक्ष बहाली में वक्त लगता. बता दें कि राज्य विद्युत नियामक आयोग का अध्यक्ष पद महत्वपूर्ण है. नयी बिजली टैरिफ, बिजली उपभोक्ताओं के शिकायत निवारण आदि में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. वर्तमान में आयोग में दो सदस्य है जिसमें रविंद्र नारायण सिंह और प्रवास कुमार सिंह शामिल हैं.
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12 मई को हुआ था इस्तीफा स्वीकार
12 मई को पूर्व अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह का इस्तीफा ऊर्जा विभाग ने स्वीकार किया था. हालांकि अरविंद प्रसाद की ओर से ऊर्जा विभाग को लगभग दो महीने पहले ही इस्तीफा दिया गया था. अरविंद प्रसाद को इस्तीफा दिये लगभग 20 दिन हो चुके है. इनके पूर्व साल 2014 से 2017 तक एनएन तिवारी इस पद पर रहे हैं.
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