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पीएमसीएच में वृद्ध की डायरिया से मौत, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

Dhanbad: धनबाद के पीएमसीएच में बरसात के कारण होनेवाली बीमारियों से निपटने की जो तैयारी का दावा किया गया था, उसकी पोल खुल गयी है. शुक्रवार को डायरिया से ग्रसित 63 वर्षीय चामु बाउरी को इलाज के लिए धनबाद के पीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत इलाज के दौरान हो गयी. चामु की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना था कि डायरिया होने पर तत्काल उन्हें पीएमसीएच में लाया गया था. अस्पताल में डायरिया के इलाज के लिए दवा उपलब्ध नहीं थी. चिकित्सकों की सलाह पर दवाइयां बाहर से खरीद कर लायी गयीं. सब कुछ ठीक था फिर अचानक डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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डॉक्टर लिखते हैं बाहर की दवा

जिले के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच सहित सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सभी प्रकार की दवाइयां मुफ्त मिलने का दावा खोखला है. धनबाद के पीएमसीएच के आसपास स्थित मेडिकल स्टोर में मरीजों को दवाई दिलाने के नाम पर डॉक्टरों को अच्छा कमीशन भी मिलता है. यहां प्रतिदिन दूर दराज क्षेत्र से सैकड़ों मरीज आते हैं. हकीकत तो यह है कि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में आवश्यक दवाइयों का अभाव है, जिससे गरीब मरीजों की मौत हो रही है. मरीजों को बाहर की दवा लिखने पर प्रतिबंध है, लेकिन चिकित्सक फिर भी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए सरकारी पर्चे से इतर मरीज को अलग से पर्ची थमा देते हैं. यह खेल कमीशनखोरी के चक्कर में कई वर्षों से चल रहा है. खास बात यह है कि सरकारी चिकित्सक मरीज को बाहर से खरीदने के लिए जो दवाइयां लिखते हैं, वे कुछ चुनिंदा मेडिकल स्टोरों पर ही मिल पाती हैं, जहां चिकित्सकों का कमीशन तय रहता है.

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क्या कहते हैं अधीक्षक

वहीं इस पूरे मामले में पीएमसीएच अधीक्षक ने कहा कि जिले का बड़ा सरकारी अस्पताल होने के कारण यहां पर मरीजों की काफी भीड़ रहती है. इसके चलते अक्सर कई प्रकार की दवा की कमी भी रहती है, दवाइयों की कमी होने पर चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवाई लिखते हैं. मौसम बदलने के कारण बीमारियों में भी इजाफा हुआ है. दवाई आने के कुछ दिन बाद ही खत्म हो जाती है. चिकित्सकों द्वारा दवा की डिमांड भेजने के बाद दवा की आपूर्ति में कुछ समय लगता है.

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