
Ranchi : लॉकडाउन के बाद विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था कैसी हो इसे लेकर यूजीसी ने एक विशेष कमिटी गठित की है. इस कमिटी के अध्यक्ष हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति आरसी कुहाड़ ने यूजीसी को जो प्रस्ताव सौंपा है, उसके मुताबिक अब विभिन्न विश्वविद्यालयों में 25 प्रतिशत शिक्षण कार्य ऑनलाइन माध्यमों से पूरे किये जायें.
नये शैक्षणिक प्रस्ताव के मुताबिक देशभर के विभिन्न कॉलेजों में फिलहाल 75 फीसदी पढ़ाई क्लासरूम में होगी, जबकि पढ़ाई का 25 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन माध्यमों से पूरा किया जायेगा.
ऑनलाइन माध्यम से काम करने के लिए स्काइप या इसी तरह के किसी अन्य मीटिंग एप की मदद ली जायेगी. इसमें क्लास लेने या वायवा ऑनलाइन लेने की बात कही गयी है.
इसे भी पढ़ें – चीन से दुनिया नाराज है, कंपनियां भारत आना चाहेंगी, तो क्या हम तैयार हैं ?
राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए नहीं होगा आसान
झारखंड में सात यूनिवर्सिटी ऐसी हैं जो स्टेट यूनिवर्सिटी के दायरे में आती हैं. इनमें से अधिकांश यूनिवर्सिटी के कंसिच्यूएंट कॉलेज ग्रामीण क्षेत्रों में आते हैं. उदाहरण के लिए रांची यूनिवर्सिटी में 14 सरकारी कॉलेज हैं. इनमें से 8 कॉलेज ग्रामीण क्षेत्रों में आते हैं. जहां 60 हजार से अधिक स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं.
ये स्टूडेंट्स जहां से आते हैं वहां मोबाइल नेटवर्क नहीं के बराबर रहता है. ऐसे में 25 फीसदी शैक्षणिक काम का लाभ स्टूडेंट्स को नहीं मिल पायेगा. इसी तरह दुमका स्थित सिद्धो-कान्हू मुर्मू यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आनेवाले कॉलेजों में पढ़ रहे स्टूडेंट्स का भी हाल कुछ ऐसा ही है.
इसे भी पढ़ें – #Lockdown_Effect: अप्रैल में सर्विस एक्टिविटी रिकॉर्ड निचले स्तर पर आयीं: पीएमआइ
अब तक शुरू न हो सका वीडियो क्लास
ऑनलाइन क्लासेस की सुविधा देने के मामले में भी राज्य के सरकारी विवि पीछे हैं. सात यूनिवर्सिटी में से केवल रांची और कोल्हान यूनिवर्सिटी ही वीडियो क्लासेस करा रहे हैं. रांची विवि के शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन क्लासेस समय की जरूरत हो सकती हैं, लेकिन यह विभिन्न राज्यों की भौगोलिक स्थिति पर भी निर्भर करता है. अभी जब केवल वीडियो क्लासेस चलाना है तब तो यूनिवर्सिटी नहीं एग्जीक्यूट करा पा रही है. ऐसे में कैसे उम्मीद की जा सकती है कि भविष्य में विवि के शैक्षणिक कार्य ऑनलाइन हो पायेंगे.
विशेष कमिटी की रिपोर्ट में कई बदलाव
यूजीसी द्वारा गठित विशेष कमिटी की रिपोर्ट में लॉकडाउन के बाद सिलेबस को कवर करने के लिए कई बदलाव की बात कही गयी है. इसमें एनुअल एग्जामिनेशन 50 फीसदी अंकों का हो. जबकि अन्य 50 फीसदी अंक पूर्व में आयोजित सेमेस्टर परीक्षा के प्रदर्शन पर दिये जायें. वहीं एकेडमिक इयर 2020-21 में 40 फीसदी सिलेबस को ऑनलाइन माध्यम से पूरा कराने की बात कही गयी है.
इसे भी पढ़ें – #Twitter पर क्यों ट्रेंड कर रहा #गद्दार_मोदी_लुटेरा_है और #पप्पू_तो_गद्दार_है



