
Ranchi : कारोबारी विष्णु अग्रवाल के न्यूक्लियस मॉल में ईडी की टीम पहुंची है. बुधवार को ईडी की टीम लालपुर स्थित मॉल का सर्वे करने के लिए पहुंची है. पूछताछ के लिए हिनू स्थित ईडी ऑफिस पहुंचे कारोबारी विष्णु अग्रवाल को 31 जुलाई को गिरफ्तार किया था. फर्जी दस्तावेज के सहारे चैशायर होम रोड स्थित एक एकड़ जमीन खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. ईडी ने जांच में पाया कि विष्णु अग्रवाल ने चैशायर होम रोड स्थित जिस एक एकड़ जमीन की खरीदारी जिन कागजात के आधार पर की, उसके मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ की गयी है. ईडी ने बड़गाईं अंचल कार्यालय और कोलकाता स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में सर्वे करने के बाद जमीन (खाता-37,प्लॉट 28,रकबा एक एकड़,वर्ष 1933) से संबंधित दस्तावेज जब्त कर लिये थे. इसके बाद कोर्ट के आदेश पर दस्तावेज को जांच के लिए गुजरात स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा गया था. फॉरेंसिक जांच में जमीन के मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ करने, पहले की लिखावट को मिटा कर उसकी जगह दूसरे तथ्यों को जोड़ने की पुष्टि की गयी. ईडी ने जांच में पाया कि जालसाजों ने कोलकाता रजिस्ट्री कार्यालय में रखे गये मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ कर गंगाधर राय को जमीन का फर्जी मालिक बनाया. इसके बाद गंगाधर राय के पोते राजेश राय से जमीन की खरीद बिक्री के लिए इम्तियाज अहमद और भरत प्रसाद ने पावर ऑफ अटॉर्नी की. इन दोनों ने यह जमीन पावर ब्रोकर प्रेम प्रकाश के करीबी पुनित भार्गव को बेची. जमीन का सौदा 1.50 करोड़ रुपये में हुआ. लेकिन, राजेश राय को सिर्फ 25 लाख रुपये का भुगतान किया गया. शेष 1.25 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान का दावा किया गया. 15 लाख रुपये का भुगतान जालसाज गिरोह के सदस्यों को किया गया. इसके बाद पुनित भार्गव ने यह जमीन व्यापारी विष्णु अग्रवाल को 1.87 करोड़ रुपये में बेची. इस रकम में से 1.50 करोड़ रुपये प्रेमप्रकाश को ट्रांसफर किये गये. फिलहाल विष्णु अग्रवाल जमानत पर हैं.
इसे भी पढ़ें – केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां माधवी राजे का निधन, कल होगा अंतिम संस्कार



