
Ranchi: पत्रकार बसंत साहू को जेल भेजे जाने की कार्रवाई के खिलाफ रांची प्रेस क्लब ने आपात बैठक की. बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष राजेश सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस द्वारा चांडिल के पत्रकार बसंत साहू के खिलाफ सोची समझी चाल के तहत जेल भेजने की कार्रवाई की निंदा की.
साथ ही पत्रकार की अविलंब रिहाई और मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग हेमंत सोरेन सरकार से करने का निर्णय लिया गया. 27 मई को सीएम हेमंत सोरेन को ज्ञापन उनके सीएम सचिवालय में सौंपा जायेगा.
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28 को काला बिल्ला लगा कर विरोध जतायेंगे
क्लब की ओर से शासन को चेतावनी दी गयी कि यदि 24 घंटे के अंदर निर्दोष पत्रकार बसंत साहू की रिहाई नहीं हुई तो 28 मई को क्लब के सदस्य काला विल्ला लगा कर विरोध दर्ज करायेंगे.
क्लब ने इस बात पर गहरी चिंता जतायी कि पिछले कुछ दिनों में राजधानी सहित राज्य के कई हिस्सों में कई पत्रकारों को एक-एक कर पुलिस द्वारा निशाने पर लिया गया. इस तरह की करवाई बंद नहीं हुई तो मजबूरन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा. एक ओर पत्रकार कोविड 19 के संक्रमण में खुद की जान जोखिम में डाल कर जन सेवा का कार्य कर रहे हैं वहीं, दूसरी ओर कुछेक पुलिसकर्मियों की हरकतों से राज्य के शासन प्रशासन की नाक कट रही है.
बैठक में अध्यक्ष राजेश सिंह, उपाध्यक्ष पिंटू दुबे, संयुक्त सचिव जावेद अख्तर, कोषाध्यक्ष जयशंकर कुमार, कार्यकारिणी सदस्य गिरजा शंकर ओझा, प्रभात सिंह, अमित दास, सुनील गुप्ता उपस्थित रहे. वहीं, जो पदाधिकारी व सदस्य इस आपात बैठक में उपस्थित नहीं हो सके वे उन्होंने घटना की निंदा करते हुए पत्रकार की अविलंब रिहाई को लेकर तय की गयी रणनीति पर सहमति जतायी.
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