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धनबाद नगर आयुक्त रहे मनोज कुमार पर #FIR और #JUSNL निदेशक रहे निरंजन कुमार की जांच #ACB के हवाले

#JUSNL निदेशक रहे निरंजन कुमार पर वित्तीय अनियमितता सहित लगे हैं कई गंभीर आरोप

Ranchi :  राज्य के कुछ विभागों में हुए गबन के मामले पर कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब रेस हैं. उन्होंने मंगलवार को दो महत्वपूर्ण मामलों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इसमें एक मामला धनबाद नगर निगम से जुड़ा है. यहां हुई करीब 5 करोड़ की अनियमितता को लेकर सीएम ने एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है.

न्यूज विंग  ने गत वर्ष 2 अगस्त को धनबाद नगर निगम में हुए घोटाले की बातों को प्रमुखता से छापा था. वही दूसरा मामला झारखंड ऊर्जा संचार निगम लिमिटेड में निदेशक का काम कर चूके निरंजन कुमार से जुड़ा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसकी जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से कराने का निर्देश दिया है.

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तत्कालीन नगर आयुक्त सहित कई पर FIR दर्ज कराने का आरोप

पहले के मामले में सीएम सोरेन ने धनबाद नगर निगम में ई-गवर्नेंस कामों के लिए कंप्यूटर सामग्रियों और अन्य उपकरणों की आपूर्ति में बरती गई अनियमितता से जुड़े व्यक्तियों पर एफआईआर का निर्देश दिया है.

यह निर्देश उन्होंने तत्कालीन नगर आय़ुक्त मनोज कुमार,  तत्कालीन उप नगर आय़ुक्त प्रदीप कुमार प्रसाद और अनिल कुमार यादव के खिलाफ दिया है.

इन तीनों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू करने का सीएम ने निर्देश दिया है. इसके साथ नगर निगम के तत्कालीन अरबन रिफॉर्म स्पेशलिस्ट मनीष कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है.

कनीय पर्यवेक्षक-सह-भंडारपाल हरिशचंद्र पांडेय एवं लेखापाल अनिल कुमार मंडल को निलंबित कर दिया गया है.

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4.90 करोड़ से जुड़ा है अनियमितता का मामला

बता दें कि गत वर्ष 2 अगस्त को धनबाद नगर निगम अंतर्गत ई-गवर्नेंस कार्य के लिए कम्प्यूटर सामग्री एवं अन्य उपकरणों की खरीदारी और इनके उपकरणों की आपूर्ति में अनियमितता का मामला सामने आया था. मामला करीब 4.90 करोड़ से जुड़ा हुआ था.

इसकी जांच करने के संबंध में पार्षद निर्मल मुखर्जी ने तत्कालीन सीईओ आईएएस अधिकारी मनोज कुमार सहित सात अधिकारियों पर आरोप भी दर्ज करवाया था.

निरंजन कुमार पर लगे गंभीर आरोपों की जांच ACB से होगी

दूसरे मामले में सीएम हेमन्त सोरेन ने निरंजन कुमार (इंडियन पोस्ट एंड टीसी एकाउंट्स एंड फाइनांस सर्विस) के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की जांच एसीबी से कराने का आदेश दिया है. उनके खिलाफ अपने पुराने परिचयों का दुरुपयोग कर झारखंड ऊर्जा संचार निगम लिमिटेड (जेयूएसएनएल) व जरेडा के निदेशक बनने के लिए कोई अर्हताएं पूरी नहीं करने का आरोप है.

27 जनवरी 2019 को  इनकी प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त हो गयी थी. उसके बाद भी केंद्र सरकार अथवा डीओपीटी से इनकी प्रतिनियुक्ति अवधि का विस्तार नहीं करने की शिकायत मिली है.

अवैध रूप से वेतन निकासी समेत लगे हैं और कई आरोप

निरंजन कुमार के खिलाफ इस अवधि मे कई आरोप लगे है. ये इस प्रकार हैं –

  • अवैध रूप से वेतन निकासी करना. .
  • सरकार के विभिन्न खातों से लगभग 170 करोड़ का भुगतान.
  • सपरिवार विदेश भ्रमण.
  • संपत्ति विवरण में अपनी पत्नी के नाम से अर्जित संपत्ति का कोई विवरण नहीं देना.
  • टेंडर में मनमानी तरीके से किसी कंपनी विशेष को फायदा पहुंचाना.
  • विभिन्न टेंडरों में बगैर बोर्ड की सहमति के टेंडर की शर्तों को बदलने का आरोप.

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