
Akshay Kumar Jha
Ranchi: स्व. जगरनाथ महतो को डुमरी विधानसभा की जनता ने आखिर पांच महीने बाद अपने वोट के जरिए सच्ची श्रद्धांजलि दे दी है. मिसेज टाइगर और मद्य निषेध मंत्री बेबी देवी झारखंड विधानसभा की सदस्य बन गयी. इंडिया गठबंधन की प्रत्याशी और जेएमएम की उम्मीदवार बेबी देवी को इस उपचुनाव में 100231 ( एक लाख 231) वोट मिले. वहीं एनडीए की कैंडीडेट रही आजसू प्रत्याशी यशोदा देवी को लगभग 83075 वोटों से ही संतोष करना पड़ा. जीत का अंतर 17 हजार 156 वोटों का रहा. बेबी देवी ने अपने पति के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया. बता दें कि 2019 के विधानसभा चुनाव में जगरनाथ महतो को 71128 वोट मिले थे. उन्हें सबसे ज्यादा वोट 2014 में 77984 मिले थे. 2019 के विधानसभा चुनाव में आजसू को 36840 और बीजेपी के उम्मीदवार को 36013 वोट मिले थे. वहीं बेबी देवी की जीत के बाद कहा जा रहा है कि रामगढ़ की तरह एनडीए का जादू डुमरी में नहीं चला. बाबूलाल मरांडी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद वो अपनी पहली अग्निपरीक्षा में फेल हो गए. और साथ ही हेमंत सोरेन जीत के रथ पर दोबारा सवार हो गए. वैसे यहां का नतीजा काफी टक्कर का रहा. आजसू ने डुमरी अपनी झोली में डालने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी. लेकिन नतीजे से पार्टी निराश हुई.
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जानिए बेबी देवी की जीत का फैक्टर
– इमोशन
बेबी देवी की जीत में सबसे बड़ा फैक्टर इलाके के कद्दावर नेता रहे स्व. जगरनाथ महतो की लंबी बीमारी के बाद निधन हो जाना रहा. लगातार चार बार निर्विवाद रूप से विधायक और वर्तमान सरकार में मंत्री रहे जगरनाथ महतो को डुमरी की जनता ने इनके श्रद्धांजलि देने का काम किया. पूरे चुनावी प्रचार के दौरान बेबी देवी हाथ जोड़कर अपने पति के नाम पर वोट मांगती रहीं. जनता को उनके काम के बारे में बताती रहीं. पत्नी बेबी देवी और बेटे राजू ( अखिलेश) महतो ने हर वो इमोशनल कार्ड खेला जिससे जीत सुनिश्चित की जा सके. और हुआ कुछ ऐसा ही.
– ओवैसी का नहीं चला जादू
पिछले चुनाव की बात करें तो डुमरी विधानसभा में मुस्लिम उम्मीदवारों को कुल वोट करीब 28 हजार के पास था. जिसमें एआईएमआईएम के उम्मीदवार अब्दुल मोमिन रिजवी को सबसे ज्यादा वोट करीब 24 हजार मिले थे. पिछली बार की तरह इस बार भी ओवैसी अपने उम्मीदवार का प्रचार करने डुमरी आए थे. लेकिन उनका आना बेअसर साहित हुआ और उनके उम्मीदवार की करारी हार हुई. इस बार मुस्लिम वोटरों ने जेएमएम पर भरोसा जताया और खुल कर बेबी देवी के पक्ष में वोट किया.
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– सीएम हेमंत सोरेन का तूफानी दौरा
रांची जमीन घोटाले में ईडी के तीन-तीन समन और तमाम तरह की राजनीतिक परेशानियों के बीच हेमंत सोरेन ने डुमरी में जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी. उन्होंने चुनाव से पहले अपने आप को चुनावी मोड में डाला और सरकारी परिसंपत्तियों का खूब वितरण किया. वहीं अपने भाषणों में टाइगर के नाम से मशहूर जगरनाथ महतो की डुमरी के प्रति लगन और निष्ठा को जनता तक हमेशा पहुंचाने का काम किया. सरकार के सभी मंत्री समेत इंडिया गठबंधन के तमाम विधायक डुमरी में तैनात थे. वहीं गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू और बेरमो विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने भी पूरे चुनाव प्रचार के दौरान डुमरी में ही कैंप कर जीत में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा. डुमरी उपचुनाव को नजदीक से देखने वालों का कहना है कि पूरे चुनावी प्रचार में बगोदर विधायक विनोद सिंह ने चुपचाप मतदातों के बीच जिस तरीके से अपनी भूमिका निभाई, उसकी जमकर सराहना हो रही है.





