
Ranchi: गाहे-बगाहे भले ही भूख से किसी गरीब की मौत की खबर मिल जाती है. लेकिन सच यह है कि राज्य के गोदाम अनाज से अटे पड़े हैं. गोदामों में अनाज ओवर स्टॉक हो रहा है. अनाज इतना है कि रांची से सटे नगड़ी के एफसीआइ गोदाम में धान उतारने के लिए 200 गाड़ियां खड़ी हैं.
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ऐसा लागातर दो-तीन दिनों से हो रहा है. अनाज उतारने आए ट्रक के ड्राइवर और खलासी ट्रक में ही पड़े हुए हैं. वहीं खाना बना रहे हैं और वहीं सो रहे हैं. अगर लॉकडाउन नहीं होता तो निश्चित रूप से सड़क पर जाम लग गया होता. ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि शहर के मुख्य गोदामों में अनाज भरा पड़ा है.
कडरू में 5500 क्विंटल दाल, चावल और गेहूं पड़ा
रांची के सरकारी गोदाम कडरू का हाल भी नगड़ी के गोदाम की तरह हो गया है. अनाज नहीं बंटने की वजह से गोदाम भरा पड़ा है. ऐसा नहीं है कि अनाज उठाव के लिए मजदूरों की कमी है. बताया जा रहा है कि वहां करीब 3500 क्विंटल चावल और गेहूं, जिसे पीडीएस सिस्टम के तहत बंट जाना चाहिए लेकिन अभी तक नहीं बंटा है.
वहीं हाल में ही केंद्र सरकार की तरफ से कानपुर से करीब 2000 क्विंटल दाल भेजे गए हैं. जिसे कोरोना संकट के मद्देनजर पीडीएस के माध्यम से बांटा जाना है. लेकिन इस अनाज का भी उठाव नहीं हुआ है. साथ ही यहां के दो नंबर गोदाम में नमक भरा हुआ है. उसका भी उठाव नहीं हो पाया है. इस नमक को भी पीडीएस के माध्यम से राज्य में बांटा जाना था.
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नगड़ी में लगी 200 ट्रकों की लाइन
अनाज नहीं बंटने की वजह से झारखंड के कई छोटे और बड़े गोदाम प्रभावित हैं. धीरे-धीरे एफसीआइ नगड़ी का भी गोदाम भी भर गया है. संतोष कुमार जो खाद्य आपूर्ति विभाग के मजदूर संघ के अध्यक्ष हैं और इंटक के राष्ट्रीय सचिव भी हैं उनका कहना है कि अगर लोगों के बीच सुचारू रूप से प्रशासन अनाज बांटना शुरू कर दे तो गोदाम खुद-बखुद खाली हो जाएंगे और ट्रकों की लाइन लगनी बंद हो जाएगी.
नगड़ी एफसीआइ गोदाम के बारे बताया जा रहा है कि पहले से वहां अनाज भरा हुआ था. अब राज्य भर से धान लेकर ट्रक वहां पहुंच रहे हैं. जगह के अभाव में गोदाम के बाहर ट्रकों की लंबी कतार लग गयी है.
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