
Ranchi: सीधी नियुक्ति मामले में राज्य के प्लेयर राज्य सरकार से गुहार लगाते थक गये हैं. उन्होंने अब अपने मेडल सरकार को वापस करने का फैसला ले लिया है. मोरहाबादी में मंगलवार को जुटे खिलाड़ियों ने इस पर सहमति बनायी. नूतन मिंज, फरजाना खान सहित दूसरे प्लेयर्स ने मीडिया से कहा कि वे अंतिम बार सरकार से सीधी नियुक्ति की प्रक्रिया को फाइनल किये जाने की अपील कर रहे हैं.
सीएम हेमंत सोरेन से मिलकर सभी प्लेयर्स इसके लिये अनुरोध करने की कोशिश लंबे समय से कर रहे थे. पर ऐसा होने नहीं दिया गया. अब अगर अगले एक सप्ताह में इस विषय पर ठोस तरीके से कार्रवाई नहीं की तो 14 अक्टूबर को सभी प्लेयर्स अपना मेडल सरकार को वापस कर देंगे.
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33 खिलाड़ियों का है मामला
साइक्लिस्ट राम भट्ट के अनुसार, विभिन्न विभागों में खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति के लिये पिछले साल विज्ञापन जारी हुआ था. इसके लिये 246 खिलाड़ियों ने आवेदन किये थे. इस साल 33 प्लेयर्स को नियमों के हिसाब से शॉर्ट लिस्टेड किया गया था. पर इस प्रक्रिया को 8 महीने हो गये, राज्य सरकार एक भी खिलाड़ी को फोर्थ ग्रेड का भी नौकरी नहीं दे सकी है.
33 प्लेयर्स में से सभी ऐसे लोग हैं, जिन्होंने देश-दुनिया में झारखंड और देश का नाम रोशन किया है. अभी स्थिति ऐसी है कि तकरीबन सभी प्लेयर्स अपनी आजीविका के लिये मजदूरी करने, हंडिया बेचने को मजबूर होते जा रहे हैं. राज्य सरकार से उम्मीद है कि वह खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति मामले में गंभीरता से पहल करेगी.
सहायक पुलिसकर्मियों की समस्या का हुआ समाधान
खिलाड़ियों के मुताबिक, राज्य में सहायक पुलिसकर्मियों, नर्सों की नियुक्ति, टीचरों की समस्या को लेकर राज्य सरकार ने संवेदनशीलता दिखायी है. लेकिन खिलाड़ियों के मामले में उसकी उदासीनता है. सीधी नियुक्ति मामले पर खेल विभाग के स्तर से पहल किये जाने की सूचना है पर इसका कोई लाभ प्लेयर्स को नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में अब घरों में मेडल टांगने की बजाये सरकार को वापस किया जायेगा.
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