
Ranchi: वर्ष 2005 से वर्ष 2007 के बीच झारखंड विधानसभा में करीब डेढ़ सौ लोगों की हुई नियुक्ति की जांच कराने का आग्रह करने वाली शिव शंकर शर्मा की जनहित याचिका की सुनवाई मंगलवार को झारखंड हाई कोर्ट में हुई. मामले में हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने विधानसभा सचिव को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने विधानसभा सचिव से पूछा कि जस्टिस एस जे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली कमीशन की रिपोर्ट का क्या हुआ? यह रिपोर्ट कब तक आएगी. कोर्ट ने मामले की सुनवाई 13 जून निर्धारित की है. विधानसभा की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार ने पैरवी की.
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पिछली सुनवाई में प्रार्थी के अधिवक्ता राजीव कुमार की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि मामले की जांच को लेकर पहले जस्टिस विक्रमादित्य प्रसाद की अध्यक्षता वाली वन मैन कमिशन बनी थी, जिसने मामले की जांच कर राज्यपाल को वर्ष 2018 में रिपोर्ट सौंपी थी.जिसके आधार पर राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष को एक्शन लेने का निर्देश दिया था.लेकिन वर्ष 2021 के बाद से अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है. इस पर विधानसभा की ओर से बताया गया था कि जस्टिस विक्रमादित्य प्रसाद की कमीशन की रिपोर्ट पूरी तरीके से स्पेसिफिक नहीं थी.जिस कारण जस्टिस विक्रमादित्य प्रसाद के कमीशन की रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए एक और जस्टिस एसजे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली कमीशन बनी है. इस कमीशन की रिपोर्ट अभी लंबित है.




