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केंद्र की फंडिंग के बावजूद ठंडे बस्ते में सौर ऊर्जा योजनाएं, 2016-2020 तक मात्र 22.2 मेगावाट सौर ऊर्जा स्त्रोत हुए स्थापित

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Ranchi: बिजली संकट से निबटने के लिये केंद्र और राज्य सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है. राज्य में झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी की ओर से रिन्यूएबल एनर्जी के स्रोतों पर काम किया जा रहा है.

साल 2016 से देखें तो राज्य को केंद्र सरकार सौर ऊर्जा संबंधी योजनाओं के लिये फंडिंग तो की, लेकिन साल 2018-19 के बाद राज्य सरकार ने फंडिंग ही रोक दी. साल 2019-20 और साल 2016-17 के लिये विभाग ने फंडिंग नहीं की. जबकि केंद्र की ओर से इस दौरान राज्य को फंडिंग की गयी.

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वर्तमान में ऊर्जा विभाग और जरेडा की ओर से जो भी योजनाएं चलायी जा रही है, वो साल 2018-19 के लक्ष्य से ही संचालित है. ऐसे में जरेडा की ओर से सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर पंप सेट समेत अन्य योजनाएं लंबित है.

बता दें सौर ऊर्जा संचालित योजनाओं के लिये केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार भी अंशदान देती है. हर योजना के लिये अंशदान अलग-अलग है. राज्य में प्रतिदिन एक हजार मेगावाट बिजली की जरूरत होती है. ऐसे में सौर ऊर्जा का कुल स्थापना काफी कम है.

रूचि कम होने पर केंद्र ने घटाया बजट

साल 2016-17 में केंद्र ने राज्य को 12 करेाड़ 87 लाख रूपये दिये. साल 2017-18 में पांच करोड़ 58 लाख, साल 2018-19 में 99 लाख आवंटित किये गये. वहीं साल 2019-20 में सात करोड़ 28 लाख की राशि आवंटित की गयी.

केंद्र की ओर से राज्य सरकार को राशि के साथ लक्ष्य भी दिया जाता है. हर योजना के लिये लक्ष्य अलग-अलग होते है. इन वित्तीय वर्षों में देखें तो कुल 22.2 मेगावाट सौर ऊर्जा ईकाई स्थापित किये गये.

इसमें साल 2016-17 में 7.08 मेगावाट, 2017-18 में 2.39 मेगावाट, 2018-19 में 9.28 मेगावाट और साल 2019-20 में 3.45 मेगावाट सौर ऊर्जा स्रोतों को स्थापित किया गया.

जरेडा की मानें तो प्रत्येक साल सिर्फ सोलर रूफटॉप पैनल लगाने में लगभग पांच मेगावाट तक का लक्ष्य प्रत्येक साल दिया जाता है. जबकि सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर पंप सेट समेत अन्य योजनाएं के लिये अलग-अलग क्षमता के लक्ष्य होते हैं. ऐसे में इन सालों के कुल स्रोतों और उत्पादन को देखें तो काफी कम है.

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कौन-कौन-सी योजनाएं हुई प्रभावित

जरेडा फिलहाल 2017-18 की सोलर स्ट्रीट लाइट योजना पर ही काम कर रहा है. इस साल 1400 स्ट्रीट लाइट के लक्ष्य थे, जिसमें मात्र 463 लगाये गये. जबकि साल 2016-17 में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगायी गयी, क्योंकि न ही फंडिंग की गयी और न ही लक्ष्य दिया गया.

साल 2019 में केंद्र सरकार ने कुसुम योजना की शुरूआत की. 2019-20 के लिए कुसुम योजना के तहत 10 हजार सोलर पंप किसानों को दिये जाने का निर्देश दिया गया. इसमें से आठ हजार सोलर पंप अनुदान में दिये जाने थे. लेकिन इस पर काम किया जा रहा है.

साल 2018-19 में 6000 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाये जाने थे. लेकिन फंडिंग नहीं होने की वजह से इसकी टेंडर प्रक्रिया 2018 में ही रूक गयी. जिसे पिछले दिनों पूरा किया गया. लेकिन ऑर्डर इश्यू नहीं किया गया है.

अब साल 2020-21 में 6000 सोलर स्ट्रीट लाइट लगायी जायेंगी. इस योजना के क्रियान्वयन के बाद साल 2019-20 की योजना पर भी काम किया जायेगा. लेकिन अभी इसमें देरी होगी.

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