
Ranchi: बिहार के दबंग नेता रहे प्रभुनाथ जेल में रहेंगे या रिहा होंगे, इस बात पर फैसला झारखंड हाईकोर्ट में टल गया है. विधायक अशोक सिंह मर्डर केस में हाईकोर्ट तीन मार्च को फैसला सुनायेगी.
उल्लेखनीय है कि करीब 25 साल पहले 3 जुलाई 1955 को पटना के विधायक आवास में बम ब्लास्ट कर अशोक सिंह की हत्या की गई थी. इस मामले में आरोप है कि पूर्व सांसद और राजद नेता प्रभुनाथ सिंह के इशारे पर ये हत्या हुई थी.
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निचली अदालत ने प्रभुनाथ सिंह व उनके दो भाइयों को दी है उम्रकैद
विधायक अशोक सिंह हत्याकांड में निचली अदालत से मिली आजीवन कारावास की सजा काट रहे प्रभुनाथ सिंह फिलहाल रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में बंद हैं. अदालत का फैसला आने के बाद उनके बरी होने और सजायाफ्ता होने की स्थिति साफ हो जाएगी.
विधायक हत्याकांड में प्रभुनाथ सिंह, दीनानाथ सिंह व रितेश सिंह को आजीवन कारावास की सजा मिली है. उनकी ओर से कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई है.
3 जुलाई 1995 को हुई थी MLAअशोक सिंह की हत्या
3 जुलाई 1995 को विधायक अशोक सिंह की हत्या पटना में उनके सरकारी आवास में बम मारकर कर दी गई थी. उस समय वो आरजेडी से मशरख विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे. प्रभुनाथ सिंह को हराकर ही अशोक सिंह विधायक बने थे.
इस मामले में प्रभुनाथ सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया. इस मामले में करीब 22 साल बाद हजारीबाग की अदालत ने प्रभुनाथ सिंह, दीनानाथ सिंह व रितेश सिंह को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
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