
Ranchi: राजधानी के बुंडू के कोड़दा ग्राम में स्मार्ट सिटी का निर्माण किया जा रहा है. कोसी कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ये काम कराया जा रहा है. बारुहातु के मुखिया कुंवर सिंह मुंडा ने राज्य सरकार से प्राइवेट पार्टी द्वारा खुंटकट्टी ग्राम की जमीन पर स्मार्ट प्रोजेक्ट के काम को रोके जाने की मांग राज्य सरकार से की है.
मुखिया का कहना है कि कोड़दा और आसपास के ग्रामीणों से ली जा रही जमीन के कारण सैकड़ों परिवारों के सामने विस्थापन की समस्या खड़ी हो गयी है. सरकार विस्थापन लानेवाली इस योजना को ग्रामीणों के हित में तत्काल रोकने की पहल करे.
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केन्द्रीय मंत्री से संपर्क का लाभ उठा रहे पवन बजाज- वासवी किडो
लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता वासवी किडो ने कोड़दा के ग्रामीणों संग सोमवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी. वासवी ने कहा कि कोसी कंसल्टेंट द्वारा 27 फ़रवरी, 2019 को पुंगरु तुजनू ग्राम के विशेश्वर मांझी समेत 18 मांझियों से जमीन खरीदने की सेल डीड बनायी है.
इसी दिन उन्हें 3 करोड़, 37 लाख, 37 हजार का भुगतान किया गया. डीड में कहा गया है कि सभी 18 मांझी कोड़दा ग्राम के हैं, जबकि इस गांव में केवल मुंडाओं का तथा मुंडा खूंटकट्टीदारों का कब्ज़ा है.
बता दें कि कोसी कन्सलटेंट के निदेशक पवन बजाज हैं. वासवी किडो ने आरोप लगाया कि झारखंड के एक केन्द्रीय मंत्री से नजदीकी का वे अनुचित लाभ उठा रहे हैं. राज्य सरकार तत्काल पहल कर कोड़दा में किये जा रहे स्मार्ट सिटी के निर्माण का कार्य रोके. गैर क़ानूनी तरीके से किये जा रहे प्रयासों के लिए उनकी गिरफ़्तारी भी हो.
बारुहातु में विस्थापन का बढ़ रहा खतरा: कुंवर सिंह मुंडा
बारुहातु के मुखिया कुंवर सिंह मुंडा ने कहा कि कोसी कंसल्टेंट की ओर से उन्हें एक पत्र दिया गया था. इसमें 10 प्रोजेक्ट पर काम होने की बात कही गयी है. इसके अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सस्ते मकान, एजुकेशन हब, वेलनेस सेंटर, पार्क, गोल्फ मैदान, आवासीय टाउनशिप वगैरह बनाने की बात कही गयी.
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कोड़दा के कुछ ग्रामीणों की जमीन बहला फुसलाकर ले ली गई. इनमें उनकी भी जमीनों के अलावा कुंज बिहारी मुंडा, रामजीवन मुंडा, कुंजलाल पाहन, निरंजन महतो, कार्तिक महतो, जगन्नाथ महतो और अन्य नाम शामिल हैं. पर कोसी कंसल्टेंट की मंशा देखकर लोग पीछे हट रहे हैं.
अब तक 1229.05 एकड़ जमीन ली जा चुकी है. इसके लिए 18 मांझियों को तीन करोड़ से अधिक का भुगतान भी किया जा चुका है. लेकिन ऐसे लोगों को भुगतान किया गया है जो उसके मालिक हैं ही नहीं.
300 से अधिक लोग लगातार जंगलों को काटे जा रहे हैं. राज्य सरकार कोसी कंसल्टेंट को इन कार्यों को करने से रोके. बताया गया कि 6 मार्च को सीएम से मिलकर उन्हें जानकारी दी जा चुकी है.
स्थानीय थाना में भी शिकायत की जा चुकी है. प्रेस वार्ता में कुंज बिहारी मुंडा, राहुल उरांव, संदीप कुमार प्रजापति समेत अन्य लोग भी उपस्थित थे.
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