
Ranchi: पिछले कुछ दिनों से सीसीएल के कोयला उत्पादन पर असर पड़ा है. जिससे सीसीएल के उत्पादन में कमी देखी जा रही है. अधिकारियों की मानें तो सीसीएल अपने निर्धारित लक्ष्य से तीस फीसदी तक कम कोयला उत्पादन कर रहा है. जिसकी प्रमुख वजह लगातार हुई बारिश रही है. जिसका असर कंपनी के प्रोडक्शन के साथ डिस्पैच पर भी देखा जा रहा है. कंपनी के 14 क्षेत्रों में तीन एरिया कथारा, कुजू और अरगडा को छोड़ दें तो अन्य सभी चार एरिया का पॉजिटिव ग्रोथ चल रहा है.
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सबसे खराब प्रदर्शन महत्वपूर्ण आम्रपाली चंद्रगुप्त, मगध संघमित्रा, बोकारो, करगली, एनके राजहरा व ढोरी एरिया का रहा है. इन क्षेत्रों का उत्पादन ग्रोथ निगेटिव में चल रहा है. जबकि कथारा, कुजू व अरगडा का उत्पादन ग्रोथ पॉजिटिव में चल रहा है. जहां कथारा का 79, कुजू 42 और अरगड़ा का 24 फीसदी पॉजिटिव ग्रोथ चल रहा है.
चार एरिया का ग्रोथ पॉजिटिव
सीसीएल की मानें तो क्षेत्र के चार एरिया में कोयला डिस्पैच में पॉजिटिव ग्रोथ देखा जा रहा है. इसमें सबसे अधिक ग्रोथ कथारा क्षेत्र का 246 फीसदी देखा जा रहा है. अन्य क्षेत्रों में ग्रोथ निगेटिव देखा जा रहा है. जहां, मगध संघमित्रा का दो फीसदी, हजारीबाग का 34 फीसदी, बोकारो और करगली का आठ फीसदी, कुजू का ग्रोथ 80 फीसदी, रजरप्पा का 64 फीसदी, राजहरा का 61 फीसदी, एनके का 56 फसीदी, अरगड़ा का 51 फीसदी, पिपरवार का 47 फीसदी, और आम्रपाली चंद्रगुप्त का 40 फीसदी निगेटिव गा्रेथ चल रहा है.
प्रोडक्शन और डिस्पैच में अंतर
वर्तमान में कंपनी का उत्पादन ग्रोथ 61.82 फीसदी है.डिस्पैच ग्रोथ 12.24 फीसदी निगेटिव में चल रहा है. सीसीएल के आंड़कों पर गौर करें, तो सितंबर महीने में एक से चार अक्तूबर तक कंपनी का 7.8 लाख टन उत्पादन और 8.7 लाख टन कोयला डिस्पैच का लक्ष्य है. जिसके मुकाबले कंपनी महज 2.10. लाख टन उत्पादन और 4.3 लाख टन कोयला डिस्पैच कर सकी है. वहीं, अक्तूबर के शुरूआती दिनों में लक्ष्य का 27.63 उत्पादन और 49.42 फीसदी कोयला डिस्पैच हुआ.




