
अवमानना के मामले की सुनवाई कर रही थी कोर्ट
इस मामले में पूर्व सांसद सालखन मुर्मू, सामाजिक कार्यकर्ता, दयामनी बारला, राजेंद्र महतो एवं अन्य ने कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगने की बात कहते हुए माफीनामा दाखिल किया. यह टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति एचसी मिश्र की पीठ ने शुक्रवार को की.
कोर्ट स्वतः संज्ञान से लिए अवमानना के इस मामले की सुनवाई कर रही थी. इस मामले में न्यायालय ने पूर्व सांसद सालखन मुर्मू, सामाजिक कार्यकर्ता, दयामनी बारला, राजेंद्र महतो एवं अन्य को अवमानना का नोटिस जारी किया था.
इन सभी ने शुक्रवार को न्यायालय से बिना शर्त माफी मांगने की बात कहते हुए माफीनामा दाखिल किया.
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क्या कहा कोर्ट ने
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा जिस विधि विश्वविद्यालय का विरोध किया जा रहा था आज उस विश्वविद्यालय ने पूरे देश में अपनी पहचान बनायी है. उस समय कुछ लोगों ने न्यायपालिका को दबाव में लेने का प्रयास किया और कई तरह के हथकंडे अपनाए.
कोर्ट ने कहा कि यह गंभीर मामला है अवमानना के लिए उपयुक्त मामला है. माफीनामे पर अदालत ने किसी प्रकार की टिप्पणी नहीं की और कहा कि इस पर 21 जून को सुनवाई होगी.





Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण में व्यवधान पैदा करने से जुड़ी एक अवमानना याचिका पर सुनवाई की. सुनाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि न्यायालय के आदेश की आलोचना तो की जा सकती है, लेकिन न्यायपालिका जैसे संवैधानिक संस्थानों की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है.
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