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Corona का साइड इफेक्‍ट : बच्‍चों की हड्ड‍ियां हुईं कमजोर, कहीं आपके लाडले को भी ये समस्‍या तो नहीं

Jamshedpur : कोरोना का साइड इफेक्‍ट अब बच्‍चों में द‍िख रहा है. कोरोना की एक के बाद तीन लहरों के दौरान लॉकडाउन और फ‍िर कोरोना संक्रमण के डर से अभि‍भावकों ने बच्चों को घर पर ही रखा. स्कूल, कॉलेज भी बंद रहे, तो बच्चों ने ऑनलाइन ही पढ़ाई की और इंडोर गेम्स खेला. ऐसे में धूप से मिलने वाला विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में बच्चों की बॉडी को नहीं मिल सका. यही कारण है क‍ि अब पेरेंट्स के सामने बच्चों की हड्ड‍ियां कमजोर होने की समस्‍या खड़ी हो गई है. कोल्‍हान के सबसे बड़े सरकारी अस्‍पताल एमजीएम समेत प्राइवेट क्लीनिक में हड्ड‍ियों से जुड़ी समस्‍या लेकर बच्‍चे पहुंचने लगे हैं. एमजीएम अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स ओपीडी में रोज इस तरह के 10-15 मामले आ रहे हैं.
केस एक
मानगो की रहनेवाली दीपिका बताती हैं कि उनकी बेटी खेलने के लिए बाहर निकली ही नहीं. अब उसके जोड़ों में भी दर्द होना शुरू हो गया है. डाक्टर से दिखाने पर उन्होंने बताया कि खास वजह से यह समस्या आ रही है.
केस दो
टेल्को के रहनेवाले सूरज बताते हैं कि उनका बेटा क्लास थर्ड में है लेकिन उसका वजन 34 किलो हो गया है. बच्चे की हड्ड‍ियों में दर्द होने की वजह से डाक्टर से दिखाया तो डाक्टर ने रनिंग और फिजिकल एक्टिविटी नहीं होने का कारण बताया.
विटामिन डी की हुई कमी
ऑर्थो सर्जन डॉ. सौरभ चौधरी ने बताया कि बदले हुए जीवनशैली में बच्चों के साथ बड़ों में भी पहले से ही विटामिन डी की कमी है , लेकिन अब कोरोना काल में बच्चों के घर में कैद होने से इनमें भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है. 90 फीसदी विटामिन डी जिसे कैल्सिफरोल के रूप में भी जाना जाता है, इसकी शरीर को आवश्यकता होती है. परगनी किरणों से त्वचा का संपर्क होने से त्वचा में प्रोविटामिन डी में बदलता है. ब्लड के जरिए यकृत में जाता है और हाईड्रॉक्सी विटामिन डी में परिवर्तित करता है. इससे शरीर में कैल्शियम का संतुलन बना रहता है.
विटामिन डी की कमी के लक्षण

  • हड्डी और मांसपेशियों में कमजेरी
  • चलते समय घुटने से आवाज आना
  • बिना किसी श्रम से पसीना आना
  • हड्ड‍ियों में दर्द होना
  • इम्युनिटी में कमी से बार- बार बीमार होना
  • थकावट महसूस करना
  • समय से पहले वृद्ध होना
    इनसे मिलता है विटामिन डी
    सूर्योदय के समय धूप में रहने से विटामिन डी ज्यादा मिलती है. इससे चर्म रोग होने की संभावना कम रहती है. इसके अलावा मछली, अंडे का फैला भाग खाने, गाय का दूध, पनीर, माखन छाछ पीना, गाजर का सेवन करने से भी विटामिन डी मिलता है.
    ये नहीं खाएं
  • फास्ट फूड, वसा युक्त आहार.

    विटामिन डी की कमी का समय से पता लग जाए तो दवाओं से इसे दूर किया जा सकता है. कोरोना काल में बच्चों के घर में अधिकतर समय घर में रहने से बच्चों में हड्डि‍यों की कमजोरी के मामले दोगुने हो गए हैं. -डॉ. सौरभ चौधरी, हड्डी रोग विशेषज्ञ

 

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