
Ranchi : सरकार की ओर से वायदा किया गया है कि 29 दिसंबर को पारा शिक्षक नियमावली पारित की जायेगी. ऐसा करने से अन्य संविदा कर्मचारियों को भी उम्मीद जगेगी. अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो राज्य में आंदोलन किया जायेगा. ये बातें झारखंड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ के केंद्रीय अध्यक्ष विक्रांत ज्योति ने कहीं. बयान जारी करते हुए श्री ज्योति ने कहा कि अनुबंध कर्मियों की हालत खराब है.
कर्मचारियों ने इस सरकार को समर्थन तो दिया है लेकिन सरकार के सामने समर्पण नहीं किया है. सरकार अगर कर्मचारी हितों की अनदेखी करती है तो इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.
चुनाव पूर्व वायदे को पूरा करे सरकार
चुनाव पूर्व झारखंड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ की ओर से सोहराय भवन में आयोजित “संविदा संवाद” नामक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा था कि राज्य के अनुबंध कर्मचारी उनकी सरकार बनाने में मदद करें.
अगर उनकी सरकार बनी तो तमाम अनुबन्ध कर्मचारियों की सेवा 60 वर्ष तक स्थायी की जायेगी. और समान काम के लिए समान वेतन की भी सुविधा दी जायेगी.
महागठबन्धन के उम्मीदवारों की जीत हो इसके लिए हम छह लाख अनुबंध कर्मचारियों ने एड़ी चोटी का जोर लगाया है. तो इस सरकार से तमाम सुविधा पाना हमारा अधिकार है.
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कमेटी नहीं बना सकी नियमावली
श्री ज्योति ने कहा कि उच्च स्तरीय कमेटी बनी है लेकिन वो कमेटी अनुबंध कर्मचारियों के हितों के कोई प्रस्ताव लेने के लिए एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है. पारा शिक्षकों के लिए नियमावली पर भी समयबद्ध तरीके से काम नहीं किया जा रहा है.
पारा शिक्षकों के लिए स्पष्ट नियमावली सहित अन्य अनुबंध कर्मचारियों के भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता को साफ तौर पर 29 दिसम्बर को सरकार सामने लाये. नहीं तो अनुबंध कर्मी अपनी बनायी सरकार से ही दो-दो हाथ करने के लिए मजबूर हो जायेंगे.
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