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मंत्री रामेश्वर उरांव ने केंद्र से MSP की मांगी गारंटी, कहा- कृषि कानून वापस लेने के बावजूद भी किसानों की चिंता नहीं हुई खत्म

Ranchi : खाद्य आपूर्ति और वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने संसद से तीन नये कृषि कानूनों को वापस लिये जाने का स्वागत किया है. सोमवार को कहा कि किसानों की चिंता अब भी समाप्त नहीं हुई है. कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि किसानों की अब भी सबसे बड़ी चिंता फसल को लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की है. ऐसे में किसानों को इसकी गारंटी मिलनी चाहिए. किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने के लिए कानून बनाया जाना आवश्यक है. देश में बाजार की जो स्थिति है, उससे सभी वाकिफ हैं. देश में बढ़ती महंगाई के कारण फसल लागत में लगातार बढ़ोत्तरी होते जा रही है पर किसानों का लाभ स्थिर है. ऐसे में एमएसपी को कानूनी स्वरूप दिया जाना आवश्यक हैं.

 

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आंदोलन लाया रंग

रामेश्वर उरांव ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के मार्ग निर्देशन में उन्होंने राज्यभर में तीनों नये कृषि कानून के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाया. कई स्थानों पर ट्रैक्टर रैली हुई. विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. अंततः किसानों की जीत हुई. इसके लिए वे किसानों को बधाई देते हैं. किसानों ने एक बार फिर देश को सिखाया कि जनता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. वह सर्वोपरि होती है. आज वास्तव में लोकतंत्र की जीत हुई है. 70 सालों में यह साबित हो गया है कि देश में लोकतंत्र की जड़ें कितनी नीचे तक पहुंच चुकी हैं. वे किसानों को धन्यवाद देते हैं जिनके आंदोलन ने रंग दिखाया.

मौके पर मौजूद प्रदेश कांग्रेस नेता आलोक दूबे ने कहा कि कृषि काले कानून वापस तो जरूर हो रहे हैं लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने की किसान संगठनों की मांगों को मान लेनी चाहिए. बहुमत कुछ भी हो, जनता के खिलाफ काम करने वाली सरकार को मुंह की खानी ही पड़ती है. कृषि कानून के विरोध में कांग्रेस किसानों के साथ रही. आगे भी पार्टी न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने की मांग को लेकर पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी.

 

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