
Ranchi: सिपाही नियुक्ति नियमावली-2014 को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में हुई. हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में सभी पक्षों की सुनवाई पूरी हो गई. इसके बाद कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया. राज्य सरकार की ओर से बताया गया की सरकार को अधिकार है कि वह नियमावली में बदलाव कर सके और रूल फ्रेम कर सके. इस संबंध में सुनील टूडू सहित 65 याचिकाएं अदालत में दाखिल की गई हैं.
याचिका में कहा गया है कि झारखंड सरकार की ओर से बनाई गई नियुक्ति नियमावली पुलिस मैनुअल के विपरीत है. नई नियमावली में लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित न्यनतम क्वालिफाइंग मार्क्स की शर्त लगाना भी गलत है. ऐसे में उक्त नियमावली को रद कर देना चाहिए. हालांकि इस मामले में अदालत ने पूर्व में ही कहा है कि अदालत के अंतिम आदेश से नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी.
बता दें कि वर्ष 2015 में सभी जिलों में सिपाही और जैप के जवानों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था. वर्ष 2018 में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी. पूर्व के आदेश के तहत इस मामले में नियुक्ति हुए सभी सिपाहियों को पक्ष रखने के लिए अदालत ने मौका दिया था. इसके लिए सार्वजनिक नोटिस भी जारी किया गया था. जिसके बाद से करीब सात हजार सिपाही इस मामले में प्रतिवादी बने थे.




