
Jamshedpur : जुगसलाई के एमइ स्कूल रोड स्थित विकास रोडवेज में बरामद प्रतिबंधित दवाओं की खेप पटना से मंगायी गयी थी. यह खुलासा ड्रग कंट्रोल विभाग की जांच में हुआ है. विभागीय टीम ने छापेमारी में वहां से 17 कार्टून ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद की है. इसे जांच के लिए भारत सरकार के लैब में भेजने की तैयारी की जा रही है. इस मामले में जमशेदपुर के ड्रग इंस्पेक्टर का कहना है कि विभाग को पटना से जमशेदपुर प्रतिबंधित दवाओं की खेप आने की लगातार सूचना मिल रही थी. उसी सूचना के आधार पर जुगसलाई के विकास रोडवेज में छापेमारी की गयी,जिसमें ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बरामदगी की गयी.
बढ़ सकती है ट्रांसपोर्ट संचालक की मुश्किलें
इधर, इस पूरे मामले में विभागीय टीम ने ट्रांसपोर्ट के संचालक से बातचीत की कोशिश की, लेकिन जांच के दौरान वे नदारद रहे. ऐसे में उन पर ड्रग एंड कॉस्मेटिक कंट्रोल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे कार्रवायी की जा सकती है. वैसे फिलहाल पूरा मामला जांच का विषय बना हुआ है. जांच के बाद ही मामले के पीछे की कहानी सामने आने की उम्मीद की जा रही है. बावजूद इसके इस छापेमारी से प्रतिबंधित दवाओं का अवैध कारोबार करनेवालो में हड़कंप का माहौल है.
स्वास्थ्य के लिये काफी हानिकारक है ऑक्सीटॉसीन
दूसरी ओर जानकारों की मानें तो ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन स्वास्थ्य के लिये काफी हानिकारक है. इस कारण ही ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के उत्पादन और वितरण को लेकर कई तरह के प्रतिबंध है. बताया जाता है कि इसका उपयोग दुधारू पशुओं और सब्जियों के लिए किया जाता है. इससे जहां पशु के दूध देने की क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है, वहीं सब्जियों का ग्रोथ बढ़ाने के लिये भी इस इंजेक्शन का उपयोग किया जाता है. हालांकि, इसमें प्रयोग होनेवाले केमिकल शरीर के लिए खतरनाक माने जाते हैं. खासकर, छोटे बच्चों और लड़कियों के लिये तो ये बेहद खतरनाक है.
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