न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

इरफान अंसारी के बगावती तेवर, कहा ‘खुद को मार कर जेवीएम को जिंदा कर रही कांग्रेस’

280
  • सांसद निशिकांत दुबे के कांग्रेस मुक्त संथाल के बयान को याद दिलाकर की फरियाद
  • बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव पर भी कटाक्ष

Ranchi:  चतरा संसदीय सीट पर कांग्रेस और आरजेडी के बीच फ्रेंडली चुनाव होने की संभावना को देख कांग्रेस के जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी ने एकबार फिर बगावती तेवर अपना लिया है. उन्होंने दावा किया कि प्रदीप यादव किसी भी हाल में चुनाव नहीं जीत सकते हैं. कांग्रेस की गलती है कि वह खुद को मार कर मरे हुए जेवीएम को जिंदा करने में लगी है.

hosp3

यह किसी भी हाल में बर्दाशत नहीं किया जा सकता. इसके लिए जामताड़ा विधायक ने कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से गोड्डा लोकसभा सीट पर पुनर्विचार करने की मांग की है. उन्होंने यहां तक कह दिया है कि यदि कांग्रेस पार्टी चतरा में फ्रेंडली चुनाव लड़ती है, तो निश्चित तौर पर गोड्डा में भी फ्रेंडली चुनाव लड़ना चाहिए.

अगर ऐसा नहीं होता है तो गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के संथाल परगना को कांग्रेस मुक्त करने में यह एक कदम साबित होगा. इस दौरान उन्होंने जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव की छवि पर भी सवाल खड़ा किया.

इसे भी पढ़ेंः सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के तलाला विधानसभा उपचुनाव पर लगाई रोक, निर्वाचन आयोग को नोटिस

साजिश के तहत फुरकान अंसारी चुनाव लड़ने से रोका जा रहा है

उन्होंने कहा कि गोड्डा कांग्रेस का विनिंग सीट था. यहां से पार्टी की जीत तय है. एक विधायक के रूप में वे जमीन हकीकत बेहतर जानते हैं. लेकिन प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह और प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार के कानों में जेवीएम प्रत्याशी प्रदीप यादव के लोगों ने फुरकान अंसारी के खिलाफ इतना कान भर दिया कि उन्हें यहां कांग्रेस की गिरती स्थिति दिख नहीं रही.

जेवीएम कार्यकर्ता कहते हैं कि फुरकान अंसारी चुनाव जीत नहीं सकते है. लेकिन हकीकत यह है कि उनकी जीत सुनिश्चित है. एक साजिश के तहत उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जा रहा है.

अधिक मत लानेवाले को टिकट नहीं, यह कैसा इंसाफ

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने उन्हें घर पर नहीं बैठने के लिए बल्कि लड़ने के लिए विधायक चुना है. चतरा में किसी भी हाल में फ्रेंडली चुनाव नहीं होने के डॉ अजय कुमार के दावे पर कहा कि अगर उनका यह दावा खारिज होता है, तो गोड्डा सीट पर भी उन्हें पुर्निवचार करना चाहिए.

हर हाल में गोड्डा में भी फ्रेंडली चुनाव लड़ना पड़ेगा. यह उनकी नहीं बल्कि कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं की मांग है. 2014 के लोकसभा चुनाव में जेवीएम उम्मीदवार प्रदीप यादव की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे तीसरे स्थान पर थे.

उन्हें केवल 1.80 लाख मत मिले थे. जबकि 3.20 मत लाने वाले उम्मीदवार फुरकान अंसारी को इसबार टिकट नहीं दिया गया यह कैसा इंसाफ है.

इसे भी पढ़ेंः सवालों के घेरे में आधी आबादी की सुरक्षा, दो महीने में 226 रेप-नाबालिग हुईं ज्यादा शिकार

अल्पसंख्यकों का गढ़ है गोड्डा, महागठबंधन के लिए करते है एग्रेसिव पोलिंग

गोड्डा सीट को अल्पसंख्यकों का गढ़ बता कर इरफान अंसारी ने कहा कि यहां के लोग केवल कांग्रेस नहीं बल्कि महागठबंधन के लिए एग्रेसिव पोलिंग करते है.

इसी का परिणाम है कि भाजपा का यहां हारना तय है. ऐसे में यह जरूरी है कि अगर चतरा में फ्रेंडली चुनाव होता है, तो हर हाल में गोड्डा में ऐसा ही चुनाव होना चाहिए.

इसे भी पढ़ियेः नगर निकायों की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई अब नया बेंच करेगा

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: