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नियोजन नीति में बदलाव, झारखंड के बाहर से भी मैट्रिक-इंटर पास किया तो मिलेगी राज्य में नौकरी, क्षेत्रीय भाषा में हिंदी संस्कृत और अंग्रेजी भी शामिल

ओलंपिक में गोल्ड जीतनेवाले खिलाड़ियों को मिलेगा का 5 करोड़

Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में नयी संशोधित नियोजन नीति को मंजूरी दी गयी. सरकारी नौकरियों में झारखंड से ही मैट्रिक और इंटर पास होने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया. स्थानीय रीति रिवाज और परंपरा को भी जानना जरूरी नहीं रहा.

हिंदी और संस्कृत को जोड़ा गया

साथ ही झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा इंटर, टेन प्लस टू का संचालन नियमावली संशोधन किया गया. इसमें क्षेत्रीय भाषाओं के अतिरिक्त हिंदी अंग्रेजी और संस्कृत को भी जोड़ा गया है. यह सारे नियम कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा स्नातक स्तर नियमावली मैट्रिक दसवीं पास नियमावली और डिप्लोमा नियमावली में लागू होगा. संशोधन में आरक्षित वर्ग के लिए भी लागू होगा. बता दें कि झारखंड हाइकोर्ट के आदेश के बाद नियमावली में बदलाव किया गया है. नगर विकास विभाग ने इसके अंतर्गत झारखंड नगरपालिका नियमावली में भी संशोधन कर दिया है.

मैट्रिक औऱ इंटर टॉपर को 3-3 लाख

कैबिनेट सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि झारखंड से मैट्रिक और इंटर परीक्षा के फर्स्ट को 3 लाख सेकंड 2 लाख और थर्ड टॉपर एक लाख प्रोत्साहन राशि दी जायेगी साथ ही मोबाइल और लैपटॉप दिया जायेगा.

ओलंपिक में गोल्ड जीतनेवाले खिलाड़ियों को अब दो करोड़ की जगह 5 करोड़ मिलेगा. इसी तरह अन्य पदक के लिए भी अलग-अलग राशि का प्रावधान किया गया. कैबिनेट में कुल 37 प्रस्ताव पारित किये गये.

न्यास, सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों को होल्डिंग टैक्स में राहत

झारखंड नगरपालिका संपत्ति कर निर्धारण संग्रहण वसूली संशोधन नियमावली 2022 की मंजूरी दी गयी. इसके अनुसार निर्धन शारीरिक रूप से अक्षम महिलाओं तथा बच्चों के लाभार्थी के लिए न्यास न लाभ न हानि के आधार पर संचालित शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थान से निर्धारित होल्डिंग टैक्स का 50% कर देना होगा. हालांकि इसके लिए वैध प्रमाण पत्र समर्पित करने को अनिवार्य किया गया है. गन्ना प्रक्रिया अनुसार प्रमंडलवार आवश्यक सर्किल दरों के आलोक में पूंजीगत मूल का निर्धारण करते हुए होल्डिंग टैक्स की गणना की जायेगी. इसके अनुसार यदि किसी धृति स्वामी द्वारा वित्तीय वर्ष 22 23 के लिए पूर्व व्यवस्था अनुसार होल्डिंग टैक्स का भुगतान पूर्व निर्धारित सर्किल दरों के आधार पर किया जा चुका है ऐसी स्थिति में  संशोधन अनुरूप नई सर्किल रेट की दरों के आधार पर गणना की होल्डिंग टैक्स की राशि का समायोजन वर्तमान आगामी,  तिमाही अथवा वित्तीय वर्ष में किया जायेगा. बता दें कि कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों द्वारा इसकी मांग लगातार की जा रही थी और पूंजीगत मूल्य आधारित संपत्ति करके गणना के कारण होल्डिंग टैक्स में जो वृद्धि हुई थी उसे कम करने का वापस लेने का अनुरोध किया जा रहा था. प्रमंडल बाद निकायों की सूची तैयार होगी निर्माण के प्रकार उपयोग के प्रकार आवासीय या गैर आवासीय एवं अवस्थित सड़क के प्रकार के आधार पर निर्धारित अलग-अलग सर्किल दर का औसत निकाला जायेगा. निकाली गयी औसत सर्किल दर पर 20% अतिरिक्त वृद्धि करते हुए तथा उसका निकटतम गुणांक 10 के पूर्णांक में किया जायेगा. इसके बाद वास्तविक सर्किल दर वर्तमान में प्रचलित की तुलना में गणना की गई औसत सर्किल दर से की जायेगी. नगर निकाय अंतर्गत वर्तमान में प्रचलित वास्तविक सर्किल दर के अंतर्गत बनाना की गई पर प्रमंडलवार और सच सर्किल दर से अधिक होने की स्थिति में किया जायेगा.

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