
Ranchi: झारखंड परिमंडल, रांची की ओर से राष्ट्रीय डाक सप्ताह के मौके पर सोमवार को विश्व डाक दिवस (WORLD POST DAY) मनाया गया. इसके अलावा उसकी ओर से 10 अक्टूबर को वित्तीय सशक्तिकरण दिवस, 11 अक्टूबर को फिलाटेली दिवस, 12 अक्टूबर को मेल एवं पार्सल दिवस और 13 अक्टूबर को अंत्योदय दिवस आयोजित किए जाएंगे. मुख्य पोस्टमास्टर जनरल झारखंड सर्किल, डोरंडा (रांची) के कार्यालय में विश्व डाक दिवस के आयोजन पर मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल (झारखंड सर्किल) राकेश कुमार ने बताया कि केंद्र की पहल पर राज्य के वामपंथ उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में भी डाक सेवाओं की पहुंच बढायी जा रही है.
पिछले 2-3 सालों के भीतर राज्य के सुदूरवर्ती और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में भी 898 डाकघर खोले गये हैं जिसका लाभ स्थानीय लोग उठा रहे हैं. हर 5 किमी पर वित्तीय समावेशन के लिए एक आउटलेट प्रदान करने को केंद्र सरकार ने लक्ष्य तय किया है. इस क्रम में झारखंड डाक परिमंडल ने राज्यभर में 548 डाकघर खोले हैं.
पूरे राज्य में अभी 24 राजस्व जिलों में कुल 4500 से अधिक डाकघर (सभी कैटेगरी का मिलाकर 4579) के साथ सेवाएं दी जा रही हैं. इनमें से 4112 शाखा डाकघर हैं जो मुख्य रुप से झारखंड के ग्रामीण इलाकों में हैं. जीपीओ के साथ प्रधान डाकघर की संख्या 13 है जबकि 454 उप डाकघर हैं. मौके पर सहायक डाक महाध्यक्ष उदय भान सिंह, मुख्य डाक महाध्यक्ष राकेश कुमार, सहायक निदेशक निरंजन कुमार, रितेश कुमार सिन्हा, शांतनु आजाद सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे.
ये हैं झारखंड में उपलब्धियां
राजेश कुमार ने बताया कि यूपीयू (यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन) के सदस्य के तौर पर भारतीय डाक 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के तौर पर भी मनाता है. एक कदम आगे बढ़ते हुए भारतीय डाक पूरे सप्ताह को राष्ट्रीय डाक सप्ताह के रूप में मनाता है. झारखंड परिमंडल के द्वारा भी पिछले कुछ समय में सराहनीय उपलब्धियां हासिल की गयी हैं. झारखंड परिमंडल के कुल 4580 डाकघरों के द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष (2022-23) में लगभग 1 करोड़ 50 लाख रजिस्टर्ड डाक प्राप्त हुए थे. इनमे से 85 प्रतिशत पंजीकृत डाकों का वितरण प्राप्ति के दिन ही कर दिया गया. डाकघर के नियमानुसार बचे हुए डाक पत्रों का वितरण एक से चार दिनों में हो गया.
झारखंड में जिला स्तरीय चयनित 24 डाकघरों में मतदाता पहचान पत्रों की बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है. झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा कुल 55 लाख इपीआइसी कार्ड्स की बुकिंग तथा इसका वितरण पिछले वित्तीय वर्ष में किया गया. इस वित्तीय वर्ष के सितंबर माह तक लगभग 10 लाख के करीब मतदाता पहचान पत्रों की बुकिंग तथा डिलीवरी की गयी है.
स्कूली शिक्षा विभाग (झारखंड) से साथ मिलकर झारखंड में स्थित स्कूलों के 14 लाख स्टूडेंट्स का खाता खोला जाना है. इसमें स्टूडेंट्स को पोशाक, किताब कॉपी, स्कॉलरशिप एवं अन्य सरकारी लाभों की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी. सितंबर माह तक 2 लाख से ज्यादा खाता खोले जा चुके हैं. राज्य में 238 बल्क कस्टमर से पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान लगभग 25 लाख से ऊपर के राजस्व की प्राप्ति हुई है. इस साल अगस्त माह तक 40 लाख 33 हजार राजस्व मिला है. आम जनों की सुविधा के लिए राज्य के 28 डाकघरों में पार्सल पैकेजिंग यूनिट की सुविधा उपलब्ध है. इसके अलावा भी राजेश कुमार ने डाक विभाग के स्तर से मुहैया कराई जा रही सेवाओं की जानकारी दी.




