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झारखंड के पांच जिलों में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की जांच और उपचार के लिए सीसीएल सीएसआर की परियोजना “नन्हा सा दिल” का शुभारंभ

Ranchi: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के सीएमडी एनके सिंह द्वारा एक महत्वाकांक्षी परियोजना “नन्हा सा दिल” का शुभारंभ हुआ. इस दौरान निदेशक, मानव संसाधन, हर्षनाथ मिश्र एवं सीसीएल के कई विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहे. परियोजना की शुरुआत करते हुए सीसीएल सीएमडी ने कहा कि “हर बच्चे को स्वस्थ दिल के साथ जीवन शुरू करने का अधिकार है, सीसीएल परिवार जन्मजात हृदय रोग के प्रति जागरूकता और उपचार के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और उस दिशा में यह परियोजना एक सार्थक पहल है.

इस परियोजना की शुरुआत रामगढ़ जिले के सात महीने के बच्चे अभिराज महतो और आठ वर्षीय बच्ची बिदिया कुमारी की स्क्रीनिंग के साथ की गई, जो अपने मां के साथ कार्यक्रम में उपस्थित थे. इस परियोजना के तहत सीसीएल द्वारा प्रदत एक सुसज्जित मोबाइल वैन के माध्यम से गांव गांव में बच्चों की नि:शुल्क स्क्रीनिंग और निदान किया जाएगा. जिन बच्चों में CHD की पुष्टि होती है, उनका इलाज पूरी तरह से नि:शुल्क किया जाएगा. इसके अलावा ईलाज के बाद तीन बार तक, मरीज के साथ परिजनों को चेकअप के लिए हॉस्पिटल आने-जाने तक का खर्च, सीसीएल के द्वारा वहन किया जाएगा.

गौरतलब है कि सीसीएल के द्वारा समय-समय पर ऐसे पहल, सीएसआर के तहत किए जाते हैं, जिससे हितधारकों, श्रमिकों और ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल सके.

मौके पर सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह और निदेशक मानव संसाधन हर्ष नाथ मिश्र ने “नन्हा सा दिल” परियोजना के तहत गांव-गांव तक चलने वाली जांच वैन का विधिवत पूजा अर्चना कर और हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

श्री सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट (SSSHET) के साथ मिलकर, सीसीएल के इस महत्वाकांक्षी सीएसआर परियोजना को शुरू किया गया है. इस परियोजना का उद्देश्य झारखंड के पांच जिलों लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह और पलामू जिलों में जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease- CHD) से पीड़ित बच्चों की मुफ्त जांच, निदान और उपचार प्रदान करना है. इससे पहले वर्ष 2024 में CIL ने इसी परियोजना की शुरुआत तीन जिलों- चतरा, रांची और बोकारो में की थी, जहां अब तक 300 सफल सर्जरी की जा चुकी हैं और 65,000 बच्चों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है. अब, इस परियोजना का विस्तार करते हुए इसे CCL के सभी आठ परिचालन जिलों तक पहुंचाया गया है.

परियोजना अवधि  :  2 साल

परियोजना की लागत : 9.54 करोड़

लक्षित लाभार्थी:

  • 45,000 बच्चों की जांच सरकारी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में की जाएगी. मामूली मामलों का इलाज दवाओं द्वारा किया जाएगा.
  • 1,500 बच्चों को ECHO और एडवांस टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा.
  • 500 बच्चों को SSSHET के रायपुर या अन्य तीन ट्रस्ट अस्पतालों में CHD सर्जरी के लिए भेजा जाएगा.

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