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CBSE Class 12 Board Exam : परीक्षा होगी या नहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दिया बड़ा संकेत

'लिमिटेड फॉर्मेट' में केवल अनिवार्य विषयों की ही हो सकती हैं परीक्षाएं

New Delhi : कोरोना महामारी की वजह से CBSE पहले ही 10वीं के एग्जाम रद्द करने की घोषणा कर चुका है. वहीं 12वीं के बोर्ड एग्जाम को लेकर अब तक असमंजस बना हुआ है. इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा (CBSE Class 12 Board Exam 2021) को लेकर बड़ा संकेत दिया है.

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जुलाई में हो सकती है 12वीं की परीक्षा

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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक जुलाई में 12वीं के बोर्ड एग्जाम (CBSE Class 12 Board Exam 2021) कराए जा सकते हैं. सोशल डिस्टेंसिंग के साथ होने वाली इस परीक्षा को ‘लिमिटेड फॉर्मेट’ में करवाया जाएगा. इसके तहत स्टूडेंट्स को केवल अनिवार्य विषयों की ही परीक्षा देनी होगी. इस एग्जाम की समय अवधि भी 3 घंटे से कम रखी जाएगी.

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शिक्षा मंत्री ने दिया ये संकेत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय शिक्षा मंत्री (Ramesh Pokhriyal Nishank) ने कहा, ‘कोरोना महामारी के मौजूदा माहौल में बोर्ड परीक्षा करवाना एक बड़ी चुनौती है. अगर बारहवीं की बोर्ड परीक्षा की बात की जाए तो वह हर छात्र के करियर ग्राफ और जीवन के रोडमैप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.’

 

अधिकतर राज्यों ने भी जताई है सहमति

शिक्षा मंत्री ने कहा कि CBSE की 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर 21 मई को एक अहम मीटिंग हुई थी. जिसमें अधिकतर प्रदेशों के शिक्षा मंत्री शामिल हुए थे. लगभग सभी मंत्रियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की थी कि 12वीं की बोर्ड परीक्षा करवाई जानी चाहिए. इसके लिए मंत्रियों ने ‘लिमिटेड फॉर्मेट’ में परीक्षा कराए जाने को बेहतर बताया था.

रमेश पोखरियाल ने कहा कि आज हर कोई इस बात से सहमत है कि करियर को आगे बढ़ाने और हायर एजुकेशन में जाने के लिए 12वीं की परीक्षा (CBSE Class 12 Board Exam 2021) करवाया जाना बहुत जरूरी है. इससे यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों को प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स का मूल्यांकन करने में मदद मिलती है.

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पिछले साल भी हुई थी बोर्ड परीक्षा

शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से पिछले साल भी देश के सामने ऐसे ही हालात थे. इसके बावजूद न केवल कुशलता के साथ बोर्ड एग्जाम करवाए गए बल्कि JEE और NEET जैसे कंपीटीटिव एग्जाम भी करवाए गए. जिनमें देशभर से 21 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल हुए.

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