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कैबिनेट का फैसला: रांची में 605 करोड़ की लागत से खरीदी जाएगी 244 सिटी बस, भवनों में अब टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा देना अनिवार्य

Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में झारखंड कैबिनेट की हुई बैठक में 44 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक के बाद कैबिनेट की प्रधान सचिव वंदना दादेल ने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय कर्मियों के लिए सातवें वेतन आयोग के आलोक में सरकार का वित्तीय भार 2027- 28 तक होगा, पहले यह सिर्फ 2022- 23 तक था. वहीं नगर विकास विभाग रांची नगर निगम में 605.45 करोड़ की लागत से 224 सिटी बसों की खरीद करेगी. इन बसों में नॉन एसी की 220 और एसी इलेक्ट्रिक बस 24 होगी. इससे राजधानी में बेहतर शहरी परिवहन व्यवस्था हो सकेगी.
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सिटी बस को चलाने में 247 करोड़ का होगा घाटा 

रांची शहरी क्षेत्र में चल रही सिटी बस सेवा में नगर निगम नई रूट पर बसों को चलाने की तैयारी में है. इसके तहत ही कैबिनेट की बैठक में 244 बसों को चलाने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 605.45 करोड़ खर्च किए जाएंगे.

विभागीय प्रस्तावों के मुताबिक बसों के परिचालन के लिए कुल 13 रूट और 200 नए बस स्टॉप बनाए जाएंगे. प्रत्येक बस प्रतिदिन 174 किमी की दूरी तय करेगा. बसों के परिचालन में कुल सकल लागत 62 रूपए प्रति किमी होगा जबकि कुल राजस्व संग्रह 44.08 है. इस प्रकार प्रति किमी 17.03 रूपए का घाटा होने की संभावना है. ऐसे में अगले 10 वर्षों में 247 करोड़ रूपए के घाटा का आकलन किया गया है.

बसों का प्रस्तावित किराया 2 किमी तक पांच रूपए, 2 से 5 किमी तक 10 रूपए, 5 से 10 किमी के लिए 15 रूपए और 10 किमी से अधिक होने पर 20 रूपए निर्धारित किया गया है. प्रत्येक 2 वर्षो में 11 प्रतिशत किराया वृद्धि होना प्रस्तावित है. पीपीपी मोड पर योजना का क्रियान्वयन ग्रॉस कास्ट कांट्रैक्ट मॉ़डल के आधार पर होगा,जिसमें तीन पक्ष ऑपरेटर 1, ऑपरेटर 2 और रांची नगर निगम होगा.

कैबिनेट की इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी 

रांची में ट्रांसपोर्ट नगर फेज 2 के लिए 657.82 करोड़ की लागत की मंजूरी दी गई. वर्तमान में रांची के सुकरहुट्टू में बन रहे ट्रांसपोर्ट नगर के लिए 57. 82 करोड़ की राशि दी गई है.

झारखंड के भवनों में अब कॉमन टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना अनिवार्य होगा. नगर विकास विभाग के बिल्डिंग बायलॉज 2016 में संशोधन किया गया इससे टेलीकॉम कंपनी जो सर्विस प्रोवाइडर इन आसानी से डिजिटल सुविधा पहुंचा सकेगी.

NCC कैडेट अब खेलकूद विभाग की जगह अब स्कूली शिक्षा विभाग के अंतर्गत शामिल होगा.

सिमडेगा,खूंटी,दुमका में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पायलट प्रोजेक्ट होगा शुरू

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2018 -19 और 2019- 20 में सरकार द्वारा देय प्रीमीयम सब्सिडी राज्यांश एवं किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि को राज्य सरकार द्वारा भुगतान करने के लिए 362.50 करोड़ को वर्तमान वित्तीय वर्ष में ही बीमा कंपनियों के भुगतान की मंजूरी दी गई है.

हर घर तक सुविधा पहुंचाने को लेकर मोबाइल वेटनरी यूनिट स्थापित करने के लिए 236 मोबाइल वेटनरी यूनिट क्लीनिक खोला जाएगा. इसके लिए 46 करोड़ दिए गए हैं.

प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति की नियमावली में संशोधन किया गया है. इससे सरकारी सहायता प्राप्त सभी स्कूलों के साथ मदरसा को भी लाभ होगा.

रांची में दुर्गा सोरेन चौक से रिंग रोड तक सड़क चौड़ीकरण के लिए ₹65 करोड़ की योजना स्वीकृत.

नमामि गंगे योजना के तहत रामगढ़ में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 310 करोड़ की योजना मंजूर हुई है.

वित्तीय वर्ष 2022- 23 की एमएलए फंड की एकमुश्त निकासी की स्वीकृति दी गई. इसके लिए डीसी बिल समर्पित करना जरूरी नहीं होगा.

पूर्व मंत्री स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह के इलाज के दौरान हुए एयर एंबुलेंस में हुई खर्च की मंजूरी दी गई.

एकलव्य मॉडल स्कूल को एनजीओ से चलाने के लिए मार्च 2023 तक इसी तरह कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित आश्रम विद्यालय पीवीटीजी आवासीय एसटीएससी प्राथमिक विद्यालय को भी एनजीओ से चलाने के लिए मार्च तक अवधि विस्तार दिया गया.

एनटीपीसी करणपुरा टंडवा में गरही जलाशय के लिए 25 एकड़ जमीन एनटीपीसी को देने की स्वीकृति दी गई.

डॉ अरुण कुमार सिन्हा सिविल सर्जन धनबाद के अपील अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया गया.

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मे अब महानिदेशक, अपर महानिदेशक के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक भी हेड हो सकते हैं.

मंत्री परिषद की बैठक में कई विभागों यथा उत्पाद,कृषि, श्रम, कार्मिक, नगर विकास आदि के नियमावली में मैट्रिक, इंटर झारखंड से पास होने की अनिवार्यता को खत्म किया गया.

बागवानी मिशन के लिए ₹16 करोड़ को सेविंग खाते में रखने की मंजूरी दी गई.

अमृत योजना के तहत बड़कीसरैया में शहरी जलापूर्ति योजना के लिए 46 करोड़ की योजना मंजूर हुई.

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