
Kolkata: नागरिकता संशोधन कानून और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ अब राजधानी कोलकाता में भी हिंसक विरोध प्रदर्शन की आशंका प्रबल हो गयी है. इसे देखते हुए लालबाजार पुलिस मुख्यालय से एक खास निर्देश जारी किया है.
इसमें सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की गैरजरूरी छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है. इसके साथ ही महानगर के सभी 10 प्रशासनिक विभागों के उपायुक्तों और अन्य अधिकारियों को विशेष तौर पर सतर्कता बरतने को कहा गया है.
कोलकाता पुलिस आयुक्त अनुज शर्मा ने सभी विभागों के डीसी को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अपने क्षेत्रों में सूचना तंत्र को विशेष तौर पर मजबूत बनायें ताकि किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की योजना को पहले ही विफल किया जा सके.
इसे भी पढ़ें : #JSLPS की नियुक्ति प्रक्रिया में नहीं है पारदर्शिता, मनमाने तरीके से होती है नियुक्ति
रिजर्व बल अलर्ट पर
शहर के सभी प्रशासनिक विभागों में रिजर्व पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है. प्रत्येक प्रशासनिक विभाग में हैवी रेडियो फ्लाइंग स्क्वाड को रखा गया है.
सभी थानों के प्रभारियों को निर्देश दे दिया गया है कि वह अपने अपने क्षेत्रों के सभी समुदायों के प्रतिनिधियों से लगातार संपर्क रखें और बैठक करें.
कोलकाता पुलिस की कोशिश है कि महानगर में किसी भी तरह का प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही उसके बारे में भनक लगते ही रोक लिया जाये. इसके मद्देनजर दिन-रात पुलिस के गश्ती दल लगातार गश्ती लगाने में जुट गये हैं.
जो लोग भी छुट्टी के लिए आवेदन कर चुके हैं, उन्हें कहा गया है कि अगर अति आवश्यक ना हो तो हालात को समझते हुए वे अपनी छुट्टियां रद्द कर दें.
हावड़ा जिले में दिन भर बंद रहा इंटरनेट
राजधानी कोलकाता से सटे हावड़ा जिले में मंगलवार को भी दिनभर इंटरनेट बंद रखा जायेगा. नागरिकता संशोधन कानून और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ सबसे अधिक हिंसक विरोध प्रदर्शन हावड़ा जिले के उलूबेरिया में हुए थे.
यहां बसों और ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया गया था. मूल रूप से मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. इसके बाद तेजी से अफवाह फैल रही थी, जिसे रोकने के लिए जिला प्रशासन ने इंटरनेट बंद करा दिया था.
हावड़ा के अलावा उत्तर दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना के कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं रविवार को ही बंद करनी पड़ी थीं.
इसे भी पढ़ें : #Internet के अभाव में धूल फांक रहा रांची यूनिवर्सिटी का इन्फॉर्मेशन व नॉलेज ई-सेंटर
पर्यटकों को उत्तर बंगाल से पुलिस सुरक्षा में लाया जा रहा कोलकाता
संशोधित नागरिकता अधिनियम के खिलाफ पिछले 5 दिनों से लगातार जारी हिंसा की वजह से उत्तर बंगाल में फंसे पर्यटकों को पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता लाने के लिए विशेष व्यवस्था की है.
दो स्पेशल बसों में भरकर पर्यटकों को उत्तर बंगाल से कोलकाता लाया जा रहा है. खास बात यह है कि जिन बसों के जरिए इन्हें कोलकाता लाने की व्यवस्था की गयी है उनके आगे और पीछे पायलट कार रखी गयी है जिसमें सशस्त्र पुलिसकर्मी तैनात हैं.
दरअसल नये नागरिकता अधिनियम के खिलाफ मुस्लिम समुदाय के लोग शुक्रवार से लगातार आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट और सड़कें जाम कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. 6 बसों को अब तक आग के हवाले कर दिया गया है जबकि चार ट्रेनों को भी आग लगाया गया है.
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए विमान कंपनियों ने किराया में बढ़ोतरी कर दी है. सिलीगुड़ी से बागडोगरा जाने का न्यूनतम किराया मंगलवार को ₹15000 रुपये वसूला जा रहा है जबकि बुधवार को यह किराया ₹12000 रुपये रखा गया है.
इसे भी पढ़ें : #JharkhandElection: चुनावी समर के बीच नगर विकास मंत्री के क्षेत्र में निगम ने खर्च किये 25 करोड़




