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#Internet के अभाव में धूल फांक रहा रांची यूनिवर्सिटी का इन्फॉर्मेशन व नॉलेज ई-सेंटर

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Rahul Guru

Ranchi : रांची विश्वविद्यालय का इंर्फोमेशन व नॉलेज ई-सेंटर हाथी का दांत साबित हो रहा है. स्टूडेंट्स की शैक्षणिक गतिविधियों को देश-दुनिया से जोड़ने के लिए इसे बनाया गया था, पर यहां लगाये गये 30 से अधिक कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं.

मोरहाबादी स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी के ठीक बगल में बना इंर्फोमेशन व नॉलेज ई-सेंटर तीन तल्ले का भवन है, जो स्टडी सेंटर में बदल चुका है. यहां स्टूडेंट्स केवल पढ़ाई करने पहुंचते हैं.

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विश्वविद्यालय प्रशासन को है पूरी जानकारी

इंटरनेट की सुविधा नहीं होने के कारण सेंटर में  लगाये गये सभी कंप्यूटर बेकार पड़े हैं.  इससे विद्यार्थियों को काफी परेशानी हो रही है. ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी विश्वविद्यालय को नहीं दी गयी.

सेंटर आने वाले विद्यार्थियों ने बताया कि इसकी जानकारी विश्वविद्यालय को दी गयी है, पर विश्वविद्यालय की ओर से कोई पहल नहीं की गयी. रख-रखाव के अभाव में कई कंप्यूटर खराब हो गये हैं. कंप्यूटर के की-बोर्ड पर धूल जम गयी है.

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तत्कालीन सीएम अर्जुन मुंडा ने किया था उद्घाटन

रांची विवि में इंफॉरमेशन एंड नॉलेज ई-सेंटर वर्ष 2011 में तत्कालीन कुलपति डॉ एए खान के कार्यकाल में शुरू हुआ था. इसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने किया था.

मोरहाबादी स्थित केंद्रीय पुस्तकालय के बगल में स्थित यह सेंटर विवि के विद्यार्थियों के लिए खोला गया था.  इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पठन-पाठन के दृष्टिकोण से ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराना था.

इसके माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थी परीक्षा फॉर्म भरना, प्रतियोगिता परीक्षा की जानकारी लेना, प्रतियोगिता  परीक्षा का फॉर्म जमा करना, परीक्षा को लेकर ऑनलाइन प्रवेश पत्र डाउनलोड करने का काम करना था.

इसके माध्यम से विश्वविद्यालय के शोधार्थी ऑनलाइन देश-विदेश के रिसर्च जनरल पढ़ने और ऑनलाइन ई-लाइब्रेरी से जुड़ सकते थे.

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400 करोड़ का वाइ-फाइ प्रोजेक्ट अब तक नहीं हुआ पूरा

बीते 8 साल से इंर्फोमेशन व नॉलेज ई-सेंटर के बेकार होने की वजह इंटरनेट का न होना है. इसी कमी को दूर करने के लिए रांची विवि प्रशासन की ओर से 400 करोड़ रुपये खर्च कर पूरे कैंपस का वाई-फाई बनाना था.

इस प्रोजेक्ट की शुरुआत भी वर्ष 2017 में हुई, लेकिन अब तक यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है. वाई-फाई जोन की बात करें तो केवल शहीद चौक स्थित रांची विवि का मुख्यालय की वाई-फाई जोन में आता है.

मोरहाबादी स्थित 22 पीजी विभाग, सेंट्रल लाइब्रेरी व इंर्फोमेशन व नॉलेज ई-सेंटर अब भी इंटरनेट का इंतजार ही कर रहे हैं.

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