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Bokaro : बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) ने विधायक द्वारा एजीएम पिटाई के 37 दिनों के बाद शहर में सूर्या सरोवर और तिरंगा पार्क के निर्माण के लिए अपनी सहमति दे दी है.
पार्क का निर्माण कार्य 16 जुलाई को बोकारो विधायक बिरंची नारायण और उनके समर्थकों द्वारा कथित रूप से सहायक महाप्रबंधक (एजीएम), भूमि आवंटन विभाग, अजीत कुमार की पिटाई करने के बाद से रुका हुआ था.
अब विधायक बिरंची नारायण एनओसी मिलने की खुशी में मिठाई बांटने की तैयारी कर रहे हैं.
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बिना एनओसी के निर्माण रोकने पर हुई थी पिटाई
कुमार के साथ यह घटना तब घटी थी, जब उन्होंने अपनी टीम के साथ स्पॉट पर पहुंचकर ठेकेदार से बिना एनओसी के बीएसएल की जमीन पर हो रहे पार्क के निर्माण को रोकने को कहा था.
सूर्या सरोवर और तिरंगा पार्क का निर्माण कार्य 2 करोड़ रुपये की विधायक निधि से किया जा रहा है. यह स्थान MLA निवास से 300 मीटर की दूरी पर स्थित है. पिटाई कांड ने विधायक और बीएसएल अधिकारियों को आमने-सामने ला दिया था.
पिटाई मामले में पुलिस की जांच जारी
कुमार और ठेकेदार ने एक दूसरे के खिलाफ सिटी थाना में 17 जुलाई को एफआइआर दर्ज करायी थी. इस सिलसिले में पुलिस की जांच जारी है. घटना की काफी निंदा हुई थी और विधायक को विरोध प्रदर्शन झेलना पड़ा था. विरोधी पार्टियों ने बोकारो बंद भी कराया था.
लोगों ने बीएसएल अधिकारी की पिटाई करने पर विधायक की काफी आलोचना की थी. एजीएम अस्पताल में लगभग एक सप्ताह भर्ती रहे थे. बीएसएल प्रबंधन ने अपनी मूल कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) को इस मामले की सूचना दी थी जिसे केंद्रीय इस्पात मंत्रालय को भेज दिया गया था.
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विजयी मुद्रा में विधायक व समर्थक
विधायक ने कहा “पार्क लोगों के लिये विकसित किया जा रहा है. बीएसएल द्वारा एनओसी दिये जाने के बाद निर्माण कार्य फिर से शुरू किया गया है. मैंने कभी भी किसी एजीएम या बीएसएल अधिकारी को नहीं पीटा था. यह मुझे बदनाम करने की साजिश थी.”
बीएसएल के कम्युनिकेशन हेड मणिकांत धान ने कहा, “डीसी ने बीएसएल को एक पत्र भेजकर पार्क निर्माण के लिए एनओसी मांगी थी, जो प्रदान की गयी है.
एनओसी जारी होने से जहां एक तरफ विधायक समर्थक विजयी मुद्रा में हैं, वहीं बीएसएल अधिकारी दुखी और कमजोर महसूस कर रहे हैं.
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