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अफगानिस्तान संकटः फंसे भारतीयों की हुई सुरक्षित रवानगी, रूस खुलकर तालिबान के समर्थन में उतरा

New Delhi: अफगानिस्तान में फंसे 120 भारतीयों के सिर से संकट के बादल छंट गये हैं. भारतीय वायुसेना के सी-17 विमान ने काबुल हवाई अड्डे से मंगलवार को सुबह 120 भारतीय अधिकारियों को लेकर उड़ान भरी है. ये सभी लोग अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास के अधिकारी व कर्मचारी है. इधर, अफगानिस्तान संकट को लेकर अजित डोभाल ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार  (एनएसए) से बात की है. इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारतीय राजदूत और उनके कर्मचारी को तुरंत भारत आने का आदेश दिया था.

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अमेरिका देगा 500 मिलियन डॉलर की वित्तीय मदद

अफगानिस्तान में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए व्हाइट हाउस ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि पीड़ित शरणार्थी और प्रवासन की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से अमेरिकी आपातकालीन शरणार्थी और प्रवासन सहायता कोष से 500 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान करना राष्ट्रीय हित में महत्वपूर्ण है.

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रूस ने कहा, तालिबान के शासन में काबुल की बेहतर स्थिति

अफगानिस्तान में बिगड़ते हालात के बीच रूस ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है. रूस ने कहा है कि तालिबानी शासन में काबुल की स्थिति गनी की तुलना में बेहतर रहेगी. अफगानिस्तान में रूस के राजदूत दिमित्री जिरनोव ने तालिबान की प्रशंसा करते हुए कहा कि कट्टरपंथी इस्लामी समूह तालिबान ने पहले 24 घंटों में काबुल को गनी के शासन की तुलना में अधिक सुरक्षित बना दिया है. स्थिति शांतिपूर्ण और अच्छी है और शहर में सब कुछ शांत हो गया है.

 

जिरनोव ने कहा कि गनी का शासन ताश के पत्तों की तरह बिखर गया. उनके समय अव्यवस्था चरम पर थी, लोगों ने उम्मीद खो दी थी और विकास शून्य हो गया था. लेकिन अब तालिबान के 24 घंटे के शासन से पता चलता है कि शहर में आने वाले दिनों में सबकुछ ठीक हो जाएगा.

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