
New Delhi: टेस्ट क्रिकेट में पिछले कुछ दिनों से भारतीय खिलाड़ी जिस जांबाजी के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं, ऐसा पूर्व में बहुत ही कम देखने को मिला है. पहले ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर धराशायी करना फिर में इंग्लैंड में भारत में पछाड़ना और अब इंग्लैंड को उसी की जमी पर धोना…यह भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लिये नई इबारत है.
सोमवार को दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 151 रन से हराकर विराट कोहली के वीरों ने लार्डस में तिरंगा लहरा दिया. भारतीय खिलाड़ियों जीत जज्बे और जुनून का प्रदर्शन करते हुए दो सत्रों से भी कम समय में इंग्लैंड की टीम 51.5 ओवरों में 120 रन पर ढेर कर दिया. इस तरह की स्थिति में विदेश में भारत इससे पहले शायद ही कोई मैच जीता हो. इस जीत के लिये भारतीय गेंदबाजों की जितनी तारीफ की जाये, कम होगी. सिर्फ गेंद से ही नहीं बल्ले से भी कमाल का प्रदर्शन किया. इस मुकाबले जब भारत पिछड़ता हुआ दिख रहा था, तब शमी व बुमराह बल्ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ जीत की राह दिखाई बल्कि जीत दिलाकर ही दम लिया. जीत के बाद विराट ने बाद एक दिन बाद ही सही यह जीत भारत वासियों को स्वतंत्रता दिवस का तोहफा है. सच में क्रिकेट प्रेमियों के लिये तोहफा तो है ही.
शमी ने करियर का दूसरा टेस्ट अर्धशतक जड़ते हुए नाबाद 56 रन बनाए, जबकि बुमराह ने नाबाद 34 रन की पारी खेली. इन दोनों ने नौवें विकेट के लिए 89 रन की अटूट साझेदारी की. इस साझेदारी ने भारत की जीत की राह तैयार की, क्योंकि इसी के दम पर भारतीय टीम अपनी दूसरी पारी आठ विकेट पर 298 रन पर घोषित कर इंग्लैंड को 60 ओवर में 272 रन का लक्ष्य दे सकी. जिसके बाद इंग्लैंड की टीम बैकफुट पर आ गई. वह ड्रा के मकसद से मैदान पर उतरे थे. अगर शमी व बुमराह की जोड़ी बिखरती तो भारत की हार की संभावना अधिक थी.
भारत की ओर से दूसरी पारी में मुहम्मद सिराज ने चार विकेट, जसप्रीत बुमराह ने तीन विकेट, इशांत शर्मा ने दो विकेट और मुहम्मद शमी ने एक विकेट लिया. इंग्लैंड की ओर से कप्तान जो रूट ने सर्वाधिक 33 रन बनाए. रूट के आउट होने के बाद जोस बटलर ने थोड़ा संघर्ष किया लेकिन धारदार गेंदबाजी के आगे उनकी नहीं चल पाई.
भारतीय टीम सोमवार को छह विकेट पर 181 रन से आगे खेलने उतरी और उसके पास सिर्फ 154 रन की बढ़त मौजूद थी. मजबूत बढ़त के लिये भारत की उम्मीदें रिषभ पंत पर टिकी थी, लेकिन पंत टिक नहीं पाये. 22 रन के निजी स्कोर पर अपना विकेट गंवा बैठे. ओली राबिन्सन की गेंद पर विकेटकीपर जोस बटलर ने उनका कैच लपका. यहां से विशेषज्ञ व क्रिकेट प्रशंसक यह मान बैठे कि अब भारत के हाथ से यह मुकाबला लगा. पंत के थोड़ी देर बाद ही राबिन्सन ने इशांत शर्मा (16) को भी चलता कर दिया. यहां से शमी और बुमराह ने उम्मीदें जगाईं. इन दोनों ने जो प्रदर्शन किया उसकी उम्मीद शायद ही किसी ने की होगी. इन दोनों ने बल्ले से जीत की बुनियाद मजबूत की, फिर गेंद के कहर बरपाते हुए भारत को जीत दिला दी. इसके साथ ही भारत सीरीज में 1-0 से आगे हो गया है. मालूम हो कि पहले टेस्ट में भी भारत जीत के करीब पहुंच चुका था, लेकिन बारिश की वजह से यह जीत भारत के हाथ से छिटक गई थी.




